LAW'S VERDICT

ट्रांसफर के बाद बैक डेट में नामांतरण-बटांकन आदेश देने का आरोप, नायब तहसीलदार के आदेश पर रोक

नोटिस जारी कर हाईकोर्ट ने दिया अंतरिम आदेश 

लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर। 

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के नायब तहसीलदार भीमसेन पटेल द्वारा पारित किये गए नामांतरण और बटांकन से जुड़े आदेश पर रोक लगा दी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नायब तहसीलदार के 7 जुलाई को ट्रांसफर होने के बाद 6 जुलाई की बैक डेट में आदेश जारी किया गया। जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए संबंधित आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है।

मामला जबलपुर के ग्राम छेवला स्थित जमीन के विवाद से जुड़ा है। याचिकाकर्ता भूरेलाल अहिरवार की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया कि जमीन को लेकर विवाद पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है। याचिका के अनुसार, हाईकोर्ट ने 13 जनवरी 2016 को मामले में यथास्थिति बनाए रखने (Status Quo) का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस आदेश के बावजूद नायब तहसीलदार ने जमीन के संबंध में नामांतरण और नक्शा बटांकन का आदेश जारी कर दिया।

ट्रांसफर के बाद बैक डेट में आदेश का आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि नायब तहसीलदार भीमसेन पटेल का 7 जुलाई को ट्रांसफर हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने कथित तौर पर 6 जुलाई की तारीख में आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता के अनुसार, यह आदेश जसवीन उर्फ जसलीन गुजराल और उनके पिता शंभूनाथ सोनकर के पक्ष में नामांतरण और बटांकन से संबंधित था। याचिका में इस कार्रवाई को हाईकोर्ट के पहले से लागू Status Quo आदेश का उल्लंघन बताया गया है।

अंतरिम आदेश के बाद भी दे दिया आदेश 

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि जमीन विवाद में पहले से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश मौजूद है। इसके बावजूद राजस्व अधिकारी द्वारा नामांतरण और नक्शा बटांकन का आदेश दिया गया। दलील दी गई कि जब मामला हाईकोर्ट में लंबित था और Status Quo का आदेश लागू था, तब इस तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती थी। याचिकाकर्ता ने आदेश को अवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की।

हाईकोर्ट ने लगाई आदेशों पर रोक

प्रारंभिक सुनवाई के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने 3 फरवरी 2026 और 6 जुलाई 2026 को पारित आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। साथ ही अनावेदकों को मामले में अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल हाईकोर्ट ने संबंधित आदेशों पर अंतरिम रोक लगाई है। मामले में अनावेदकों का जवाब आने के बाद कोर्ट आगे सुनवाई करेगा। मामले में बैक डेट में आदेश जारी किए जाने और पूर्व में पारित Status Quo आदेश के बावजूद राजस्व कार्रवाई किए जाने के आरोपों पर आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होगी।


हाईकोर्ट का आदेश देखें          WP-29455-2026

Post a Comment

Previous Post Next Post