लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर |
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सामने प्रस्तावित फ्लाईओवर से जुड़ी जनहित याचिकाओं की सुनवाई सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता की कोर्ट ड्रेस को लेकर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताई। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुरेन्द्र वर्मा गाउन और बैंड पहनकर अदालत में अपना पक्ष रख रहे थे। इस पर बेंच ने ड्रेस कोड को लेकर आपत्ति जताई।
हाईकोर्ट के सामने फ्लाईओवर बनाने की मांग
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सामने फ्लाईओवर निर्माण की मांग को लेकर विधायक लखन घनघोरिया और अधिवक्ता सुरेन्द्र वर्मा की ओर से अलग-अलग दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में राज्य सरकार को कलेक्ट्रेट चौराहे से रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर निर्माण के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक है और फ्लाईओवर बनने से यहां से गुजरने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिल सकती है।
सुनवाई के दौरान वकील ने किया हस्तक्षेप
सोमवार को दोनों जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह अपना पक्ष रखते हुए इस मार्ग को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों का विस्तृत व्यौरा पेश कर रहे थे। इसी दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने सुनवाई में हस्तक्षेप करते हुए अपना पक्ष रखने का प्रयास किया। इस पर डिवीजन बेंच ने उनकी कोर्ट ड्रेस को लेकर आपत्ति जताई। बेंच ने कहा कि जब अधिवक्ता स्वयं याचिकाकर्ता हैं, तो उन्हें गाउन और बैंड पहनकर अदालत में उपस्थित नहीं होना चाहिए।
ड्रेस कोड के उल्लंघन पर जताई नाराजगी
अदालत ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता द्वारा निर्धारित कोर्ट ड्रेस कोड का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद डिवीजन बेंच ने दोनों मामलों की सुनवाई को अनिश्चितकाल के लिए मुल्तवी कर दिया। इस तरह फिलहाल हाईकोर्ट के सामने प्रस्तावित फ्लाईओवर से जुड़ी दोनों जनहित याचिकाओं पर आगे की सुनवाई की कोई निर्धारित तारीख नहीं है।
