LAW'S VERDICT

आवारा कुत्तों पर सरकार का एक्शन: 6 महीने में 15,117 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण

स्ट्रीट डॉग्स के नियंत्रण को लेकर मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट में दी विस्तृत जानकारी, 14 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

Laws Verdict News | जबलपुर

मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों (Street Dogs) की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने 140 पेजों के जवाब में अदालत को बताया कि 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 के बीच राज्यभर में 15,117 आवारा कुत्तों की नसबंदी (Sterilization) और एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया है।

एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस आनंद पाठक की खंडपीठ ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत मित्रों से इस पर सुझाव देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में स्वतः संज्ञान (Suo Motu PIL) के रूप में दर्ज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 को आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 19 मई 2026 को शीर्ष अदालत ने देश के सभी हाईकोर्टों को "शहर आवारा कुत्तों के आतंक में, बच्चे चुका रहे हैं कीमत" विषय पर स्वतः जनहित याचिका दर्ज कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के पालन में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दर्ज कर मामले की निगरानी शुरू की है। इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा एवं अधिवक्ता सरबवीर सिंह ओबेराय को अदालत मित्र (Amicus Curiae) नियुक्त किया गया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने सरकार का पक्ष रखा।

मुख्य सचिव ने रिपोर्ट में बताए प्रमुख कदम

राज्य सरकार की ओर से दाखिल रिपोर्ट में बताया गया कि:

  • 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच 15,117 आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया।
  • 1,62,622 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक परिसरों की नियमित निगरानी करेंगे।
  • सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर तीन महीने में सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण सुनिश्चित करें।
  • 1,00,262 सरकारी संस्थानों और परिसरों में बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का कार्य पूरा किया गया है, ताकि आवारा कुत्तों का प्रवेश रोका जा सके।
  • शहरी निकायों ने 965 अधिकृत फीडिंग पॉइंट चिन्हित किए हैं। साथ ही खाद्य विक्रेताओं को खुले में कचरा नहीं फेंकने और दुकानों के आसपास कुत्तों को भोजन नहीं कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
  • राज्य के 11 जिलों की 12 नगरीय निकायों में संचालित 12 डॉग शेल्टर में अब तक 982 कुत्तों को रखा गया है।
  • 28 नगरीय निकायों में डॉग स्क्वॉड गठित किए गए हैं, जबकि 69 निकायों को 81 डॉग कैचर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।

हाईकोर्ट ने मांगे अदालत मित्रों के सुझाव

खंडपीठ ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट पर अदालत मित्रों से सुझाव प्रस्तुत करने को कहा है। सुझावों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट आगे की कार्यवाही तय करेगा। मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।

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