रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी- 4 सप्ताह में आदेश का पालन करें, नहीं तो रजिस्ट्रार हाजिर हों
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) से जुड़े अवमानना प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कुलाधिपति की हैसियत से पक्षकार बनाए गए राज्यपाल मंगूभाई पटेल का नाम मामले से हटाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने विश्वविद्यालय प्रशासन की अर्जी स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि अब चार सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का पालन किया जाए, अन्यथा अगली सुनवाई पर रजिस्ट्रार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।
राज्यपाल का नाम हटाने की अर्जी हुई मंजूर
दरअसल, हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन प्रस्तुत कर कहा कि कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल मंगूभाई पटेल का नाम इस अवमानना याचिका से हटाया जाए।
बुधवार को विश्वविद्यालय की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह अर्जी स्वीकार कर ली और राज्यपाल का नाम अनावेदकों की सूची से हटाने का आदेश दिया।
पूर्व रीडर को बकाया लाभ नहीं मिलने पर दायर हुई अवमानना याचिका
यह अवमानना याचिका रादुविवि के विधि विभाग (Law Department) के पूर्व रीडर डॉ. आर.बी. दुबे ने दायर की है।
याचिका के अनुसार, उन्होंने 29 जून 2006 को इस्तीफा दिया था, लेकिन बाद में उसे वापस लेने की इच्छा जताई। आरोप है कि विश्वविद्यालय ने इस्तीफा वापस लेने की अनुमति नहीं दी और 29 जुलाई 2006 को उसे स्वीकार कर लिया।
पहले ही रद्द हो चुका है इस्तीफा स्वीकार करने का आदेश
इस कार्रवाई को चुनौती देने पर हाईकोर्ट ने पहले ही इस्तीफा स्वीकार करने का आदेश निरस्त कर दिया था और विश्वविद्यालय को डॉ. दुबे को सभी बकाया वेतन एवं सेवा लाभ देने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद आज तक लाभों का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी।
हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी
सुनवाई के दौरान अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चार सप्ताह के भीतर न्यायालय के पूर्व आदेश का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं हुआ तो अगली सुनवाई पर रादुविवि के रजिस्ट्रार डॉ. रविशंकर सोनवाल को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
फिलहाल ये अधिकारी बने रहेंगे पक्षकार
राज्यपाल का नाम हटने के बाद अब इस अवमानना मामले में रजिस्ट्रार डॉ. रविशंकर सोनवाल और डिप्टी रजिस्ट्रार (स्थापना) पवन साहू पक्षकार बने रहेंगे।
हाईकोर्ट का आदेश देखें CONC-3247-2026
