मतपेटी भरने और फर्जी मतदान के आरोपों से मचा हंगामा, स्टेट बार काउंसिल बनाएगी नई एडहॉक कमेटी, फिर होंगे चुनाव
जबलपुर। जबलपुर जिला बार एसोसिएशन चुनाव 2026 फर्जी मतदान और वोटिंग में अनियमितता के गंभीर आरोपों के बीच रद्द कर दिए गए हैं। मतदान के दौरान जिला बार परिसर में जमकर हंगामा, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन हुआ। विवाद बढ़ने पर मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने चुनाव निरस्त करने की घोषणा कर दी। मामला मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के पदेन अध्यक्ष एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह तक पहुंचा, जिन्होंने जल्द नई एडहॉक (तदर्थ) कमेटी गठित कर नए सिरे से चुनाव कराने का भरोसा दिया।
सील लगा मतपत्र बाहर मिलने से भड़का विवाद
सोमवार सुबह नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ था। दोपहर करीब 12 बजे जिला बार परिसर के बाहर सील और हस्ताक्षरयुक्त मतपत्र मिलने की सूचना के बाद माहौल गरमा गया।
कई अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर पहले ही वोट डाला जा चुका था, जबकि वे मतदान करने पहुंचे ही नहीं थे। फर्जी मतदान की शिकायत के बाद अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मुख्य चुनाव अधिकारी से मिले। सभी पक्षों से चर्चा के बाद चुनाव अधिकारी ने पूरी चुनाव प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया।
वकीलों का सवाल—इतनी जल्दी मतपेटी कैसे भर गई?
विरोध कर रहे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदान की गति के हिसाब से मतपेटी का भर जाना संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जोरदार नारेबाजी की और चुनाव तत्काल निरस्त करने की मांग की।
मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा चुनाव निरस्त करने संबंधी पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह तक पहुंचा मामला
विवाद बढ़ने के बाद मामला महाधिवक्ता एवं स्टेट बार काउंसिल के पदेन अध्यक्ष प्रशांत सिंह के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि जल्द ही नई तदर्थ समिति गठित की जाएगी, जो पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा चुनाव कराएगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी बोले—'आज की घटना से आहत हूं'
मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने कहा कि उन्होंने 20 दिन के भीतर चुनाव संपन्न कराने की पूरी तैयारी की थी। उनके अनुसार पूरी मतदान प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में चल रही थी।
उन्होंने कहा,
"आज की घटना से मैं आहत हूं। कुछ लोग चाहते थे कि चुनाव अगस्त में हों। पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही थी, लेकिन व्यवधान उत्पन्न किया गया ताकि निष्पक्ष चुनाव न हो सके। अग्रिम कार्रवाई के लिए पूरी जानकारी स्टेट बार काउंसिल को भेज दी गई है।"

