LAW'S VERDICT

राहुल गांधी मानहानि केस खत्म: कार्तिकेय सिंह ने स्वीकारा खेद, एमपी हाईकोर्ट ने समाप्त किया मुकदमा

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित मानहानि की कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा राहुल गांधी के खेद को स्वीकार किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने मामले का पटाक्षेप कर दिया।

जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कार्तिकेय सिंह की सहमति और दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद मानहानि की पूरी कार्यवाही समाप्त करने का आदेश पारित किया।

2018 की चुनावी सभा के बयान से शुरू हुआ था विवाद

मामला वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा से जुड़ा है। सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय सिंह का नाम लिया था। इसे मानहानिकारक बताते हुए कार्तिकेय सिंह ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में निजी परिवाद दायर किया था।

एमपी-एमएलए कोर्ट ने जारी किया था समन

मामले की सुनवाई करते हुए भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट के तत्कालीन विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था और उन्हें 25 जून 2026 को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

राहुल गांधी ने कहा— गलती से लिया था शिवराज और कार्तिकेय का नाम

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से कहा गया कि झाबुआ की सभा में उन्होंने भूलवश शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र का नाम ले लिया था। उनका बयान वास्तव में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके पुत्र के संदर्भ में था। उन्होंने यह भी बताया कि सभा के अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से अपनी इस त्रुटि का सुधार कर लिया था तथा इस पर खेद भी व्यक्त किया था।

कार्तिकेय सिंह ने खेद स्वीकार कर समाप्ति पर जताई सहमति

कार्तिकेय सिंह चौहान ने अदालत के समक्ष राहुल गांधी द्वारा व्यक्त खेद को स्वीकार करते हुए मानहानि की कार्यवाही समाप्त किए जाने पर सहमति दे दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर पूरे मामले को समाप्त कर दिया।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने की पैरवी

राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा, अजय गुप्ता, अधिवक्ता राजीव मिश्रा और ऐश्वर्य साहू  ने पक्ष रखा। वहीं कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने पैरवी की।


हाईकोर्ट का आदेश देखें     MCRC-13941-2026

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