स्टेट बार काउंसिल चुनाव की मतगणना में बड़ा अपडेट; अब तक 89 उम्मीदवार एलिमिनेट, टॉप-5 में उज्जैन-जबलपुर-इंदौर-ग्वालियर के दावेदार
लॉज वर्डिक्ट न्यूज़ | जबलपुर
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव की मतगणना में गुरुवार को बड़ा अपडेट सामने आया। जबलपुर के आरके सिंह सैनी और इंदौर के विवेक सिंह ने निर्धारित चुनावी कोटा पार कर लिया है। कोटा पूरा करने के साथ ही दोनों का निर्वाचित होना तय है। इससे पहले इंदौर के राकेश सिंह भदौरिया और अखिलेश कुमार सक्सेना भी निर्धारित कोटा हासिल कर निर्वाचित हो चुके हैं। इस तरह मतगणना के दौरान अब तक चार उम्मीदवारों का निर्वाचन तय हो गया है।
एलिमिनेशन राउंड में दो और उम्मीदवार बाहर
मुख्य चुनाव अधिकारी रिटायर्ड जस्टिस एसके पालो, सहायक चुनाव अधिकारी जीएस बघेल और दीपक अवस्थी के अनुसार गुरुवार को मतगणना के एलिमिनेशन राउंड में दो और उम्मीदवार चुनावी दौड़ से बाहर हो गए। एलिमिनेट होने वाले उम्मीदवारों में:
- राजेंद्र बहादुर सिंह- सीधी
- महेश कुमार मौर्य- भोपाल
इन दो उम्मीदवारों के बाहर होने के साथ ही स्टेट बार काउंसिल चुनाव की मतगणना में अब तक 89 उम्मीदवार एलिमिनेट हो चुके हैं।
टॉप-5 में इन उम्मीदवारों का दबदबा
मतगणना की मौजूदा स्थिति में टॉप-5 में पांच उम्मीदवार बने हुए हैं। इनमें अलग-अलग शहरों के प्रमुख दावेदार शामिल हैं।
टॉप-5 उम्मीदवार:
- संदीप मेहता- उज्जैन
- नित्यानंद मिश्रा- जबलपुर
- हितोषी जय हार्डिया- इंदौर
- नरेंद्र कुमार जैन- इंदौर
- गौरव मिश्रा- ग्वालियर
वरीयता मतों के हस्तांतरण और लगातार हो रहे एलिमिनेशन के बीच इन उम्मीदवारों की स्थिति पर अधिवक्ताओं की नजर बनी हुई है।
महिला वर्ग में अन्नू पटेल और प्रवीण तिवारी आगे
महिला वर्ग में सिंगरौली की अन्नू पटेल और रीवा की प्रवीण तिवारी फिलहाल शीर्ष स्थिति में बनी हुई हैं। महिला उम्मीदवारों के बीच भी वरीयता मतों के हस्तांतरण के साथ मुकाबला आगे और रोचक होने की संभावना है।
चार उम्मीदवारों का निर्वाचन तय
चुनाव समिति के सचिव प्रशांत दुबे के अनुसार अब तक की मतगणना के अनुसार इंदौर के राकेश सिंह भदौरिया, अखिलेश कुमार सक्सेना, जबलपुर के आरके सिंह सैनी और इंदौर के विवेक सिंह निर्धारित कोटा पार कर चुके हैं। वहीं एलिमिनेशन राउंड लगातार जारी है। जैसे-जैसे कम मत पाने वाले उम्मीदवार बाहर होंगे, उनके वरीयता मत अगले उम्मीदवारों को हस्तांतरित होंगे। इससे टॉप उम्मीदवारों की स्थिति में बदलाव संभव है। स्टेट बार काउंसिल चुनाव की अंतिम तस्वीर मतगणना और कोटा पूरा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
