LAW'S VERDICT

हाईकोर्ट ने कहा: बिना नोटिस सील हुआ सुकून रिजॉर्ट तुरंत खोलें

प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के चर्चित सुकून रिजॉर्ट-कम-रेस्टोरेंट को सील किए जाने की प्रशासनिक कार्रवाई पर अंतरिम राहत देते हुए उसे तत्काल खोलने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि कार्रवाई से पहले रिजॉर्ट प्रबंधन को न तो कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने Satpura Hospitality Solutions Private Limited द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया।

बिना सुनवाई के सीलिंग को दी चुनौती

कंपनी के निदेशक विवेक त्रिपाठी के माध्यम से दायर याचिका में प्रशासनिक कार्रवाई को असंवैधानिक और मनमाना बताते हुए चुनौती दी गई थी।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय के अग्रवाल, अधिवक्ता शेरोन अग्रवाल ने अदालत को बताया कि संबंधित अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना, बिना कारण बताओ नोटिस और बिना सुनवाई का अवसर दिए सीधे व्यवसायिक प्रतिष्ठान को सील कर दिया। यह कार्रवाई संविधान के तहत प्राप्त व्यवसाय करने के अधिकार तथा प्राकृतिक न्याय के स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन है।

प्रशासन ने फायर सेफ्टी और अवैध निर्माण का दिया तर्क

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित शासकीय अधिवक्ता ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि रिजॉर्ट में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) संबंधी गंभीर कमियां पाई गई थीं।

इसके अलावा प्रशासन का दावा था कि परिसर में स्वीकृत मानचित्र और अनुमतियों से अधिक निर्माण किया गया था, जिसके कारण नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने पूछा: नोटिस कहां है?

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि कार्रवाई से पहले रिजॉर्ट प्रबंधन को सुनवाई का अवसर दिया गया था।

अदालत ने कहा कि चाहे प्रशासन तकनीकी या नियामकीय कमियों का हवाला दे रहा हो, लेकिन किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है।

इसी आधार पर कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए रिजॉर्ट को तत्काल खोलने के निर्देश जारी किए।

सुकून ग्रुप ने फैसले का किया स्वागत

हाल के दिनों में सुकून ग्रुप के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर हुई प्रशासनिक कार्रवाइयों के बीच हाईकोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कंपनी की ओर से कहा गया कि न्यायालय का आदेश विधिसम्मत प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय की जीत है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी वैधानिक सुरक्षा मानकों और शासकीय नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संबंधित विभागों के साथ पूर्ण सहयोग करेगी।

राज्य सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश

मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

अंतिम निर्णय तक अदालत द्वारा दी गई अंतरिम राहत प्रभावी रहेगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई में प्रशासन को अपनी कार्रवाई का विधिक आधार स्पष्ट करना होगा।


हाईकोर्ट का आदेश देखें    WP-20779-2026

Post a Comment

Previous Post Next Post