भोपाल की MP-MLA कोर्ट के समन को चुनौती, 25 जून की पेशी पर टिकी निगाहें
जबलपुर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी की पुनरीक्षण याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार, 24 जून को महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। मामला भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी को 25 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने अंतरिम राहत (Interim Relief) के मुद्दे पर बुधवार को सुनवाई निर्धारित की है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट समन पर रोक लगाता है या नहीं।
स्टे मिला, तो ही मिलेगी पेशी से राहत
कानूनी जानकारों के अनुसार यदि हाईकोर्ट बुधवार को समन आदेश पर अंतरिम स्थगन (Stay) दे देता है, तो राहुल गांधी को 25 जून को भोपाल की अदालत में उपस्थित होने से राहत मिल सकती है। वहीं यदि कोई अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो उन्हें अदालत के समक्ष हाजिर होना पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला?
मामला भोपाल निवासी कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2018 में झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लेते हुए कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि पनामा पेपर्स मामले में पाकिस्तान में कार्रवाई होती है, जबकि मध्य प्रदेश में नाम आने के बावजूद संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई नहीं की जाती। इसी बयान को आधार बनाकर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।
MP-MLA कोर्ट ने जारी किया था समन
भोपाल स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के तत्कालीन स्पेशल मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने 13 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था।
अदालत ने उन्हें 25 जून 2026 को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इसी समन आदेश को राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखे पक्ष
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और अधिवक्ता राजीव मिश्रा ने पक्ष रखा। वहीं शिकायतकर्ता कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत के प्रश्न पर 24 जून को विस्तृत सुनवाई करने का निर्देश दिया।
आज के आदेश पर टिकी कानूनी और राजनीतिक नजरें
राहुल गांधी की संभावित पेशी और हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को देखते हुए यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुधवार को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि कांग्रेस नेता को भोपाल की अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा या उन्हें अंतरिम राहत मिल जाएगी।
