15 लाख आबादी वाले जिले में Passport Seva Kendra नहीं होने पर दायर जनहित याचिका, 3 जुलाई को अगली सुनवाई
जबलपुर। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) स्थापित किए जाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत ने अनावेदकों को जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई तय की है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को सुनवाई के बाद केंद्र सरकार व अन्य को जवाब पेश करने मोहलत प्रदान की।
15 लाख की आबादी, फिर भी नहीं पासपोर्ट सेवा केंद्र
कटनी निवासी दिव्यांशु मिश्रा 'अंशु' द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि लगभग 15 लाख की आबादी वाले कटनी जिले में अब तक पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र नहीं खोला गया है। इसके कारण जिले के नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी कार्यों के लिए जबलपुर या सतना स्थित क्षेत्रीय केंद्रों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।
सांसद के पत्र के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
याचिका में यह भी कहा गया है कि पूरे प्रदेश में कटनी दूसरा ऐसा जिला है, जो खनिज संसाधनों के मामले में सबसे ज्यादा राजस्व देता है। रिच मिनरल सिटी होने के बाद भी कटनी में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है। स्थानीय सांसद वी.डी. शर्मा द्वारा भी केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने इसे मनमाना और अवैधानिक बताया है।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता योगेश सोनी और दीपेन्द्र मिश्रा ने पक्ष रखा। दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका में बनाए गए सभी अनावेदकों को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया।
अब इस मामले में 3 जुलाई को अगली सुनवाई होगी, जिसमें संबंधित पक्षों के जवाब पर अदालत आगे विचार करेगी।
