जबलपुर-भोपाल मार्ग पर रोजाना जाम से जनता परेशान, कोर्ट ने केंद्र से भी पूछा- पौड़ी रेलवे फाटक क्यों बंद है?
जबलपुर। जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय मार्ग पर शहपुरा स्थित रेल ओवरब्रिज का हिस्सा ढहने के बाद आम लोगों को हो रही भारी परेशानियों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) से स्पष्ट पूछा है कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कब तक पूरी होगी। वहीं केंद्र सरकार से भी जवाब मांगा है कि जब तक पुल पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक पौड़ी रेलवे फाटक को बंद रखने का औचित्य क्या है।
एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई निर्धारित की है।
2023 में बना पुल, 2025 में आई दरार और फिर ढह गया हिस्सा
यह जनहित याचिका शहपुरा तहसील निवासी समाजसेवी राजेश सिंह राजपूत की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2023 में बने रेल ओवरब्रिज में वर्ष 2025 के दौरान दरारें आने लगीं और सितंबर में पुल का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इसके बाद से जबलपुर-भोपाल मार्ग पर रोजाना कई-कई घंटे लंबा जाम लग रहा है।
याचिका में यह भी बताया गया कि भारी वाहनों का आवागमन अब कृषि उपज मंडी शहपुरा परिसर और अंदरूनी मार्गों से कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय रहवासियों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है।
हाईकोर्ट ने टोल वसूली और रेलवे फाटक बंद होने पर भी उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि पुल ढहने के बाद पौड़ी रेलवे फाटक भी बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है। इसके अलावा पुल क्षतिग्रस्त होने के बावजूद वाहनों से टोल टैक्स की वसूली जारी है, जिसे याचिका में अवैध बताया गया।
इन तथ्यों पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से रेलवे फाटक बंद रखने के कारणों पर जवाब मांगा है।
इन पक्षों ने रखा अपना पक्ष
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आदित्य सिंह राजपूत उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन, केंद्र सरकार की ओर से एएसजी सुनील कुमार जैन एवं डीएजी सुयश मोहन गुरु, एनएचएआई की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह तथा मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम की ओर से अधिवक्ता अंकित कुमार पाण्डेय ने अदालत में पक्ष रखा।
2 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट अब 2 जुलाई को यह जानेगा कि पुल की मरम्मत कब तक पूरी होगी, पौड़ी रेलवे फाटक को बंद रखने की क्या आवश्यकता है और आम जनता को राहत देने के लिए संबंधित एजेंसियों ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
