LAW'S VERDICT

इंदौर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने कहा- गंभीर रूप से झुलसी जिनी झाला को एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद भेजे सरकार

इलाज और एयर एम्बुलेंस का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी, बॉम्बे हॉस्पिटल को भी मरीजों से शुल्क नहीं लेने के निर्देश

इंदौर। इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में अवैध बोरिंग के दौरान गैस पाइपलाइन में हुए भीषण विस्फोट के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मानवीय और सख्त रुख अपनाते हुए गंभीर रूप से झुलसी जिनी झाला को तत्काल एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद के जायडस हॉस्पिटल भेजने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि एयर एम्बुलेंस से लेकर इलाज तक का पूरा खर्च मध्य प्रदेश सरकार वहन करेगी।

जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डिवीजन बेंच ने आदेश के पालन की रिपोर्ट 30 जून 2026 (मंगलवार) तक पेश करने के निर्देश दिए हैं।

पीड़िता की गंभीर हालत देख कोर्ट ने तुरंत दी मंजूरी

सुनवाई के दौरान पीड़िता के भाई यशवीर झाला की ओर से हस्तक्षेप आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि जिनी झाला की हालत बेहद गंभीर है। इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हो चुका है, लेकिन गंभीर बर्न इंजरी के विशेष उपचार की बेहतर सुविधा अहमदाबाद के जायडस हॉस्पिटल में उपलब्ध है।

पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और तस्वीरों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त, इंदौर कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को बिना विलंब एयरलिफ्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

बॉम्बे हॉस्पिटल घायलों से नहीं वसूलेगा इलाज का खर्च

इससे पहले याचिकाकर्ता रीतेश इनानी ने स्वयं अदालत में उपस्थित होकर अपने अधिवक्ताओं श्रवण कुमार लाहोटी और जयेश मेहता के माध्यम से बताया था कि हादसे में घायल मरीजों से इलाज का खर्च लिया जा रहा है।

इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी। शुक्रवार की सुनवाई में इंदौर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता ऋषि तिवारी ने अदालत को आश्वस्त किया कि बॉम्बे हॉस्पिटल को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि किसी भी घायल से इलाज का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सभी पीड़ितों का उपचार पूरी तरह नि:शुल्क किया जाएगा।

अवैध बोरिंग के दौरान फटी गैस पाइपलाइन

मामले के अनुसार, इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में बिना अनुमति कराई जा रही बोरिंग के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट स्वतः मामले की निगरानी कर रहा है।

राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता डॉ. अमित भाटिया ने अदालत में पक्ष रखा।

30 जून तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिनी झाला को शीघ्र एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद पहुंचाया जाए और आदेश के पालन की विस्तृत रिपोर्ट 30 जून 2026 तक अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए।


हाईकोर्ट का आदेश देखें      WP-23532-2026

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