LAW'S VERDICT

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 32 साल बाद होंगे रजिस्टर्ड ग्रेजुएट्स चुनाव

हाईकोर्ट में कुलगुरु और कुलसचिव  अंडरटेकिंग, 6 महीने में पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 32 साल बाद रजिस्टर्ड ग्रेजुएट्स के चुनाव कराए जाएंगे। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा और कुलसचिव रविशंकर सोनवाल ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में उपस्थित होकर चुनाव का पूरा शेड्यूल पेश किया और छह महीने में प्रक्रिया पूरी करने की अंडरटेकिंग दी।

जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा में चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि छह महीने में चुनाव नहीं हुए, तो जनवरी 2027 में अगली सुनवाई के दौरान दोनों अधिकारियों को फिर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

1994 के बाद नहीं हुए चुनाव

मामला विश्वविद्यालय के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट राधेश्याम अग्रवाल द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिका में कहा गया कि रजिस्टर्ड ग्रेजुएट्स चुनाव के जरिए एक सदस्य का चयन किया जाता है, जिसे विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में मनोनीत किया जाता है।

बताया गया कि यह चुनाव वर्ष 1994 के बाद से आयोजित नहीं हुए। इस पर पूर्व में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने 20 जून 2011 को विश्वविद्यालय प्रशासन को छह सप्ताह में निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।

आदेश पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका

जब वर्षों तक आदेश का पालन नहीं हुआ, तब अवमानना याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन को 5 मई तक 2011 के आदेश का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट ने कुलगुरु और कुलसचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।

हाईकोर्ट ने जताया भरोसा

गुरुवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकित अग्रवाल उपस्थित हुए। वहीं कुलगुरु और कुलसचिव ने चुनाव कार्यक्रम कोर्ट में प्रस्तुत करते हुए भरोसा दिलाया कि छह महीने के भीतर पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न करा दी जाएगी।

अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि यदि तय समय में चुनाव नहीं कराए गए तो अगली सुनवाई पर दोनों अधिकारियों को फिर से जवाब देना होगा।


हाईकोर्ट का आदेश देखें   CONC-110-2017










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