इंदिरा नगर के शॉपिंग कॉम्पलेक्स को चुनौती, सरकार से मांगा जवाब; 3 अगस्त को अगली सुनवाई
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के रामपुर क्षेत्र में सरकारी नजूल भूमि पर कथित अतिक्रमण और व्यावसायिक निर्माण के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति को वर्ष 1998 में केवल 600 वर्गफीट का आवासीय पट्टा दिया गया था, लेकिन बाद में उसने कथित रूप से करीब 62 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण कर लिया।
मामले की सुनवाई मंगलवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच के समक्ष हुई। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।
600 वर्गफीट के पट्टे से शुरू हुआ विवाद
रामपुर के यादव मोहल्ला निवासी गणेश धनगढ़ द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि वर्ष 1998 में मोहम्मद मसरुक अली को आवासीय उपयोग के लिए 600 वर्गफीट भूमि का पट्टा प्रदान किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद धीरे-धीरे आसपास की लगभग 62 हजार वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
याचिकाकर्ता का दावा है कि कब्जे की गई भूमि पर बाद में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक निर्माण कर शॉपिंग कॉम्पलेक्स विकसित कर दिया गया, जबकि भूमि मूल रूप से सार्वजनिक और सरकारी स्वामित्व की थी।
प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
जनहित याचिका में यह भी कहा गया है कि कथित अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष कई शिकायतें प्रस्तुत की गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की निष्क्रियता के चलते याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
हाईकोर्ट ने मांगा शासन का पक्ष
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने तर्क प्रस्तुत किए। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत रूपराह उपस्थित हुए। प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अब इस मामले पर 3 अगस्त को अगली सुनवाई होगी, जहां सरकार को आरोपों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
हाईकोर्ट का आदेश देखें WP-11984-2026
