हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के बिदाई समारोह में भावुक हुए जस्टिस संजीव सचदेवा
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद से सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए संजीव सचदेवा ने जबलपुर से विदाई के अवसर पर भावुक शब्दों में कहा कि वह यहां की सुनहरी यादों को किसी ट्रक में भरकर नहीं, बल्कि अपने दिल में सहेजकर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब दो वर्ष पहले उनका तबादला जबलपुर हुआ था, तब मन में कई सवाल थे, लेकिन यहां आकर उन्हें घर जैसा अपनापन मिला।
“जबलपुर आया तो लगा अपने ही घर में हूं”
जस्टिस सचदेवा ने यह बात हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित समारोह में कही। बार ने यह समारोह जस्टिस सचदेवा की शेष अदालत में हुई पदोन्नति और जस्टिस विवेक रूसिया को मप्र हाईकोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाये जाने पर आयोजित किया गया था। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस सचदेवा ने कहा कि जबलपुर में उनका कार्यकाल बेहद यादगार रहा। उन्होंने कहा, “यहां आने से पहले सोचता था कि जबलपुर कैसा होगा, लेकिन यहां पहुंचकर लगा कि मैं अपने ही घर में हूं। बार, बेंच और न्यायिक परिवार से जो स्नेह मिला, वह जीवनभर याद रहेगा।”
स्टैंडिंग ओवेशन देकर किया अभिनंदन
समारोह के दौरान उन्हें हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सचिव निखिल तिवारी तथा अन्य पदाधिकारियों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ताओं ने खड़े होकर स्टैंडिंग ओवेशन देकर जस्टिस सचदेवा का अभिनंदन भी किया।
“एक ट्रक यादों के लिए भी बुक कर लीजिए”
कार्यक्रम में मौजूद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया ने कहा कि उन्होंने जस्टिस सचदेवा के साथ बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में काम किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “सचदेवा जी का सामान तो दिल्ली के लिए पैक हो चुका है, लेकिन मेरी सलाह है कि एक ट्रक यहां की यादों के लिए भी बुक कर लें।”
“बोलने की आदत खत्म नहीं होनी चाहिए”
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि सोशल मीडिया के दौर में लोगों के बीच संवाद कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 16,500 शब्द बोलता था, जबकि अब यह संख्या काफी घट गई है। उन्होंने कहा कि संवाद की संस्कृति को जीवित रखना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने जस्टिस सचदेवा की पदोन्नति पर प्रसन्नता और विदाई पर भावुकता दोनों व्यक्त की।
विवेक तन्खा बोले- दूसरी बार कर रहा हूं स्वागत
राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार उन्हें जस्टिस सचदेवा के सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हुए शील नागू और जस्टिस सचदेवा का स्वागत करने का अवसर भी उन्हें मिला था।
बार एसोसिएशन ने दी भावभीनी विदाई
कार्यक्रम का कुशल संचालन हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के सचिव निखिल तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सीनियर एडवोकेट्स काउंसिल के अध्यक्ष उमाकांत शर्मा ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और बार के सदस्य उपस्थित रहे।
