मप्र स्टेट बार काउंसिल चुनाव: अब 28 मार्च तक दर्ज कर सकेंगे आपत्तियां
जबलपुर। मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल के आगामी चुनावों को लेकर अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। प्रारंभिक मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों को देखते हुए आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब वकील 28 मार्च 2026, शाम 4 बजे तक अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। Madhya Pradesh State Bar Council के इस फैसले को वकीलों के मताधिकार की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मतदाता सूची में लगे थे गड़बड़ी के आरोप
बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 16 मार्च 2026 को प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। पहले आपत्तियों की अंतिम तिथि 24 मार्च तय थी लेकिन कई अधिवक्ता संघों और वकीलों ने सूची में गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे। इस सूची में कई नाम छूटने और त्रुटियों की शिकायतें भी सामने आईं थीं।
सर्वसम्मति से लिया फैसला
निर्वाचन अधिकारी, रिटायर्ड जस्टिस S.K. Palo ने जानकारी दी कि हाई लेवल इलेक्शन कमेटी से विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से आपत्तियों की तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य साफ है कि कोई भी वैध अधिवक्ता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
अब क्या करना होगा वकीलों को?
बेहद अहम है यह फैसला
यह सिर्फ एक तारीख बढ़ाने का मामला नहीं, बल्कि चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने, हर वकील के मताधिकार की रक्षा करने और पहली हुईं गलतियों को सुधारने का मौका है। मप्र स्टेट बार काउंसिल का यह कदम दिखाता है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और समावेशी बनाने की कोशिश की जा रही है। अब यह जिम्मेदारी अधिवक्ताओं की है कि वे समय रहते अपनी आपत्तियां दर्ज कराकर अपने वोट के अधिकार को सुरक्षित करें।
