LAW'S VERDICT

विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट ने किया निरस्त, रामनिवास रावत विजयी घोषित

सुप्रीम कोर्ट में अपील करने हाईकोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा को 15 दिन की राहत


ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा क्षेत्र (जिला श्योपुर) से विधायक चुने गए मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को निरस्त करके भाजपा के उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजयी घोषित किया है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बेंच ने अपने फैसले के प्रभाव और संचालन पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी है, ताकि मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
गौरतलब है कि 16वीं विधानसभा के लिए विधायक चुने गए राम निवास रावत ने कांग्रेस के टिकिट से चुनाव लड़ा और जीते थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा देकर भाजपा ज्वाइन कर ली, जिससे विजयपुर विधानसभा सीट खाली हो गई। इसके बाद हुए उपचुनाव में 12 नवंबर 2024 को हुए उप चुनाव में राम निवास रावत ने भाजपा की टिकिट से चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने उन्हें हरा दिया। इस निर्वाचन को चुनौती देकर रामनिवास रावत ने यह चुनाव याचिका दाखिल करके मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को चुनौती देकर आरोप लगाया की उन्होंने अपने नामांकन से आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है। रावत का आरोप था कि मल्होत्रा के खिलाफ 6 आपराधिक मामले हैं। इस मामले पर 26 फरवरी को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस अहलूवालिया ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 
सोमवार को सुनाये फैसले में जस्टिस अहलुवालिया ने मुकेश मल्होत्रा द्वारा छिपाई गई जानकारी को भर्स्ट आचरण के दायरे में पाते हुए उनका निर्वाचन रद्द कर दिया। साथ ही चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे राम निवास रावत को विजयी घोषित किया। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता एम.पी.एस. रघुवंशी व अधिवक्ता संजय द्विवेदी ने याचिकाकर्ता रामनिवास रावत की ओर से पैरवी की। 

मल्होत्रा की और से लगाई गई गुहार 

निर्णय के बाद मुकेश मल्होत्रा की ओर से प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 116-B के तहत आवेदन दायर कर फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने की मांग की गई। उनका तर्क था कि यदि निर्णय पर तत्काल रोक नहीं लगी तो उन्हें सीट खाली करनी पड़ेगी, जिससे पूरे क्षेत्र पर प्रभाव पड़ेगा और उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। हालांकि चुनाव याचिकाकर्ता के वकील ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि अदालत को अपने ही फैसले पर रोक तभी लगानी चाहिए जब पर्याप्त कारण हों, जबकि इस मामले में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अवसर देने के लिए सीमित अवधि की राहत देना न्यायोचित होगा। इसी के चलते अदालत ने आदेश दिया कि आज पारित फैसले पर 15 दिनों के लिए रोक रहेगी, ताकि मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत प्राप्त कर सकें।
 

फैसले को सुको में देंगे चुनौती: तन्खा  

मुकेश मल्होत्रा की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने कहा है हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जायेगी। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा है कि जल्द ही सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दाखिल की जायेगी। 

हाईकोर्ट का फैसला देखें  EP. No. 24 of 2024  EP-24-2024

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