जस्टिस विवेक अग्रवाल करेंगे सोम डिस्टलरीज की याचिका पर सुनवाई
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के इतिहास में पहला ऐसा मुकदमा आया, जिसकी शुरूआती सुनवाई के लिए ही तीसरी बेंच तय की गई हैं। इससे पहले 2 बेंच ने इस मुकदमे की सुनवाई से इंकार कर दिया है। मामला आबकारी वर्ष 2025-26 के लिए लाइसेंस निलंबन को चुनौती देने वाली सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा.लि. की याचिका से सम्बंधित है। अब जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच के सामने इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई होगी।
लाइसेंस निलंबन को दी गई है चुनौती
सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा.लि. की ओर से दाखिल इस याचिका में 4 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत आबकारी आयुक्त ने कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना सुनवाई का अवसर दिए की गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कंपनियों का कहना है कि लाइसेंस निलंबन से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना आवश्यक था। बिना नोटिस और सुनवाई के की गई कार्रवाई को उन्होंने अधिकार क्षेत्र से बाहर और अवैधानिक बताया है।
