LAW'S VERDICT

सोम डिस्टलरीज को अंतरिम राहत से हाईकोर्ट का इंकार, सरकार से मांगा जवाब

जवाब के लिए दी 2 सप्ताह की मोहलत, अगली सुनवाई 20 मार्च को

जबलपुर। आबकारी वर्ष 2025-26 के लिए लाइसेंस निलंबन के मामले में सोम डिस्टलरीज को राहत देने से मप्र हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने  राज्य सरकार और आबकारी आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए हाईकोर्ट ने 2 सप्ताह में जवाब देने कहा है। अगली सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित की गई है।

सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा. लि. की ओर से दायर याचिका में 4 फरवरी 2026 को आबकारी आयुक्त द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत याचिकाकर्ता कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिना सुनवाई का अवसर दिए की गई यह कार्रवाई अधिकार क्षेत्र से परे और कानूनन अवैध है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लाइसेंस निलंबन से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना आवश्यक था, जो नहीं दिया गया।

तीसरी बेंच में पहुंचा मामला

इस प्रकरण की सुनवाई पहले जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत में सूचीबद्ध थी, लेकिन 24 फरवरी को उन्होंने मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। इसके बाद मामला जस्टिस एसएन भट्ट की अदालत में गया, लेकिन 27 फरवरी को उन्होंने भी सुनवाई से इंकार कर दिया। इसके बाद चीफ जस्टिस के निर्देश पर मामला जस्टिस विवेक अग्रवाल की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया, जहां गुरुवार को प्रारंभिक सुनवाई हुई।

अंतरिम राहत से इंकार

गुरुवार को मामले पर हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल और अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने दलील दी कि लाइसेंस निलंबित होने के कारण उनके मुवक्किल आगामी टेंडरों में भाग नहीं ले पाएंगे। ऐसे में निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता वीर विक्रांत सिंह ने अंतरिम राहत दिए जाने का कड़ा विरोध किया। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अनावेदकों का जवाब प्राप्त होने से पहले अंतरिम राहत देना उचित नहीं होगा और इस चरण पर निलंबन आदेश पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।


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