स्व. पी.एस. तिवारी स्मृति दिवस पर दिवंगत अधिवक्ताओं को किया गया नमन
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एस. भट्टी ने कहा कि अपने पूर्वजों और सीनियर्स को याद करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि जो लोग हमें मार्गदर्शन देते हैं और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं, उनकी स्मृतियों को संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
जस्टिस भट्टी हाईकोर्ट बार के सिल्वर जुबली हॉल में आयोजित स्वर्गीय पी.एस. तिवारी स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम हर वर्ष दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ताओं की स्मृति में आयोजित किया जाता है।
दिवंगत अधिवक्ताओं को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में उपस्थित न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और युवा वकीलों ने दिवंगत अधिवक्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर न्यायमूर्ति भट्टी ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था की मजबूती में वरिष्ठ अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से ही युवा वकील आगे बढ़ते हैं। ऐसे में दिवंगत अधिवक्ताओं की स्मृति को जीवित रखना और उनके कार्यों से प्रेरणा लेना समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं मनीष तिवारी
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अधिवक्ता मनीष तिवारी की सराहना करते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से इस स्मृति दिवस की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयासों से हर वर्ष दिवंगत अधिवक्ताओं को याद करने और नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। न्यायमूर्ति भट्टी ने कहा कि ऐसी परंपराएं अधिवक्ता समुदाय को एकजुट करती हैं और नई पीढ़ी को अपने सीनियर्स के योगदान से परिचित कराती हैं।
पूरे प्रदेश में मनाया जाए स्मृति दिवस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद (स्टेट बार काउंसिल) के चेयरमेन राधेलाल गुप्ता ने कहा कि दिवंगत अधिवक्ताओं की स्मृति में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों को केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे प्रदेश में हर वर्ष दिवंगत अधिवक्ताओं के स्मृति दिवस के रूप में ऐसे आयोजन किए जाने चाहिए, ताकि अधिवक्ता समुदाय अपने वरिष्ठों के योगदान को याद कर सके।
युवा अधिवक्ताओं को दी गई विधि की पुस्तकें
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता मनीष तिवारी द्वारा 85 युवा अधिवक्ताओं को विधि से संबंधित पुस्तकें भेंट की गईं। इसका उद्देश्य युवा वकीलों को अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर कानूनी ज्ञान उपलब्ध कराना था। वक्ताओं ने कहा कि कानून के क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर अध्ययन और अनुभव बेहद आवश्यक होता है। ऐसे में युवा अधिवक्ताओं को पुस्तकें प्रदान करना एक सराहनीय पहल है।
अस्वस्थ अधिवक्ता को दी आर्थिक सहायता
इस अवसर पर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद से प्राप्त टीए-डीए की राशि 64,400 रुपये एक गंभीर रूप से अस्वस्थ अधिवक्ता को उनके उपचार के लिए प्रदान की गई। इस पहल की उपस्थित अधिवक्ताओं ने सराहना करते हुए कहा कि अधिवक्ता समुदाय का एक-दूसरे के प्रति सहयोग और संवेदनशीलता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में अधिवक्ता आरती तिवारी, आशीष तिवारी सहित तिवारी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा मप्र सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रुपराह, मप्र उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी अमित जैन, पारितोष त्रिवेदी, राजेन्द्र प्रताप सिंह, योगेश सोनी, मनीष उपाध्याय, मनोज कुशवाहा, सपना तिवारी, सारिका तिवारी, रविन्द्र प्रताप सिंह और स्मिता केहरी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी ने दिवंगत अधिवक्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
