अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश हाईकोर्ट ने किया रद्द
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सागर जिले की देवरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन को पद से हटाने के राज्य सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट ने माना है कि जिन आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई, वे इतने गंभीर नहीं थे कि निर्वाचित अध्यक्ष को पद से हटाया जा सके और निर्णय लेते समय अधिकारियों ने पूरी तरह विचार भी नहीं किया।
नेहा जैन की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि वे देवरी नगर पालिका परिषद की निर्वाचित अध्यक्ष हैं। उनके अनुसार कुछ पार्षद लगातार नगर परिषद के कामकाज में बाधा डाल रहे थे और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश भी की गई। हालांकि बाद में कानून में संशोधन होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया वापस ले ली गई और वे पद पर बनी रहीं।
याचिकाकर्ता पर लगाए 4 आरोप
इस बीच सरकार ने एम.पी. म्युनिसिपैलिटीज एक्ट, 1961 की धारा 41-A के तहत नोटिस जारी कर चार आरोप लगाए थे। इनमें मस्टर रोल कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितता, प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल का गठन न होना, खरीद प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन और एसी खरीद में करीब 2.06 लाख रुपये की गड़बड़ी के आरोप शामिल थे। इन आरोपों के आधार पर 25 अगस्त 2025 को उन्हें पद से हटा दिया गया था।
आरोप ऐसे भी नहीं कि पद से हटाया जाए: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद दिए फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता पर लगाए गए आरोप इतने गंभीर नहीं हैं कि किसी निर्वाचित अध्यक्ष को हटाने जैसी कठोर कार्रवाई की जाए। प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता के पूरे जवाब पर समुचित विचार नहीं किया।
वापस बुलाने की कार्रवाई में मिली जीत
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अध्यक्ष को वापस बुलाने (रिकॉल) के लिए जनवरी 2026 में मतदान कराया गया था। कुल 13,367 वोटों में से 7,282 मत अध्यक्ष के पक्ष में और 6,085 मत विरोध में पड़े थे। यानी आधे से कम मतदाताओं ने उन्हें हटाने के पक्ष में मतदान किया, इसलिए वे पद पर बनी रहीं।
सरकार का आदेश अवैध माना
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने दलीलें रखीं। 20 जनवरी को सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा फैसला बुधवार को सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का आदेश अस्थिर और अवैध है। अदालत ने नेहा जैन को हटाने का आदेश रद्द कर दिया और उन्हें अध्यक्ष पद पर जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया।
हाईकोर्ट का आदेश देखें WP-34618-2025
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