वकील की माफी को स्वीकार करके हाईकोर्ट ने सुनवाई टाली
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान बिना तैयारी के पेश होने पर अधिवक्ता को कोर्ट की कड़ी नाराज़गी का सामना करना पड़ा। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीज़न बेंच ने इसे गंभीर आचरण बताते हुए फटकार लगाई, हालांकि बाद में वकील की माफी स्वीकार कर ली गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले दो आवेदनों पर विचार किया, जो अपीलकर्तालतीफ़ मो. और सोनू खान की ओर से वकील बदलने के आवेदन थे। इन आवेदनों का विरोध नहीं होने पर कोर्ट ने उन्हें मंजूर कर लिया और नए वकीलों को पक्ष रखने की अनुमति दे दी।
इसके बाद अपीलकर्ता क्रमांक 7 सोनू खान की ओर से पेश अधिवक्ता शैलेन्द्र द्विवेदी से कोर्ट ने पूछा कि क्या वे मामले की बहस के लिए तैयार हैं, क्योंकि उसी दिन उनका वकील बदलने का आवेदन मंजूर हुआ था। इस पर उन्होंने अदालत को बताया कि वे पूरी तरह तैयार हैं। कोर्ट ने उनकी बात पर भरोसा करते हुए अधिवक्ता आलोक वागरेचा से बैठने का अनुरोध किया और द्विवेदी को बहस शुरू करने के लिए कहा। लेकिन जब उनसे बहस शुरू करने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास मामले का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस पर अदालत ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि पहले तैयार होने की बात कहना और फिर बहाना बनाना उचित नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह कोर्ट के सामने गलत बात कहना बेहद निंदनीय है और यह एक खतरनाक रास्ता चुनने जैसा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आज की कार्यवाही में अधिवक्ता द्विवेदी ने अदालत के सामने अपनी प्रतिष्ठा खो दी है। हालांकि बाद में उन्होंने अदालत से माफी मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए अदालत ने अगली तारीख 6 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की है।
जीजा के साथ मिलकर रची थी पति की हत्या की साजिश
यह मामला दमोह जिले के हटा में 10 साल पुराने जितेंद्र सिंह की हत्या से जुड़ा हुआ है दरअसल, जितेंद्र सिंह की पत्नी सविता के उसके जीजा रामेंद्र सिंह उर्फ बड़े राजा से प्रेम संबंध थे। सविता अपने जीजा से शादी करना चाहती थी। इसी चक्कर में उसने अपने जीजा के साथ मिलकर भाड़े के आरोपियों से अपने पति जितेंद्र सिंह की हत्या 9 सितंबर 2016 की सुबह कराई थी। इस हत्याकांड का खुलासा सविता के मोबाइल की कॉल डिटेल्स से हुआ था। हटा की अदालत ने 15 मई 2023 को फैसला सुनाते हुए सविता सिंह, रामेंद्र सिंह उर्फ बड़े राजा सहित कुल 7 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ यह अपील हाईकोर्ट दाखिल की गई, जिसमें आरोपी सोनू खान की ओर से अधिवक्ता शैलेन्द्र द्विवेदी हाजिर हुए थे।
हाईकोर्ट का आदेश देखें CRA-7767-2023
