नई दिल्ली। हाल के वर्षों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पर्यावरण संबंधी फैसलों का विश्लेषण बताता है कि न्यायपालिका अब सतत विकास (Sustainable Development) को प्राथमिकता दे रही है।
चाहे यमुना फ्लडप्लेन हो, पहाड़ी खनन या जंगल कटाई—अदालतों ने स्पष्ट किया है कि विकास पर्यावरण की क़ीमत पर नहीं हो सकता।
यह विश्लेषण संकेत देता है कि भविष्य में बड़ी परियोजनाओं को अदालतों की सख़्त निगरानी का सामना करना पड़ेगा।
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