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बुलडोज़र कार्रवाई पर अदालतों की टिप्पणी: क्या ‘तत्काल न्याय’ संवैधानिक है?

 



नई दिल्ली। हाल के वर्षों में बुलडोज़र कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियाँ एक अहम सवाल खड़ा करती हैं—क्या प्रशासनिक कार्रवाई कानून से ऊपर हो सकती है?

अदालतों ने स्पष्ट किया है कि अपराध के आरोप मात्र से किसी का घर गिराना कानून के शासन (Rule of Law) के खिलाफ है। बिना सुनवाई और प्रक्रिया के की गई कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन मानी जा सकती है।

इस विश्लेषण से साफ होता है कि अदालतें अब “तत्काल न्याय” की लोकप्रिय राजनीति पर संवैधानिक लगाम कसने के मूड में हैं।

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