LAW'S VERDICT

189 नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों के रिजल्ट होंगे जारी, हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत

फैकल्टी डुप्लीकेसी पर कॉलेजों को भरना होगा 3 लाख का जुर्माना


लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर। 

मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 189 Suitable Nursing Colleges के विद्यार्थियों को परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े लाभ देने का रास्ता साफ कर दिया है। वहीं फैकल्टी डुप्लीकेसी वाले कॉलेजों पर हाईकोर्ट ने आर्थिक दंड भी लगाया है।

जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने 8 सितंबर 2026 को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि 189 Suitable Colleges में से 35 कॉलेज ऐसे हैं, जो डुप्लीकेट फैकल्टी के बिना भी पूरी तरह Suitable पाए गए हैं। इन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने और पहले दी गई परीक्षाओं के परिणाम घोषित कराने की अनुमति दी गई है।

फैकल्टी डुप्लीकेसी वाले कॉलेजों पर ₹3 लाख प्रति फैकल्टी का भार

हाईकोर्ट ने फैकल्टी डुप्लीकेसी के मामले में भी महत्वपूर्ण व्यवस्था की है। जिन Suitable Colleges में डुप्लीकेट फैकल्टी पाई गई है, उन्हें प्रति डुप्लीकेट फैकल्टी ₹2 लाख MPNRC के खाते में जमा करने होंगे। इसके अलावा प्रति फैकल्टी ₹1 लाख Juvenile Justice Fund में जमा करना होगा। इस तरह डुप्लीकेट फैकल्टी के प्रत्येक मामले में कॉलेज पर कुल ₹3 लाख प्रति फैकल्टी का वित्तीय भार पड़ेगा। 

यह राशि आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। साथ ही प्रत्येक संबंधित कॉलेज को अपने परिसर या आसपास 50 पौधे लगाने और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करने का निर्देश भी दिया गया है। पौधरोपण का विवरण और तस्वीरें हाईकोर्ट द्वारा तैयार NISARG App पर अपलोड करनी होंगी।

189 Suitable Colleges के छात्रों को परीक्षा और रिजल्ट का लाभ

कोर्ट के समक्ष बताया गया कि पहले ही 189 कॉलेजों को GNM/ANM कोर्स के लिए Suitable पाया जा चुका है और 19 जून 2026 के आदेश के तहत इन कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने तथा रिजल्ट घोषित कराने का लाभ दिया गया था। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इन 189 कॉलेजों में कई संस्थान B.Sc., M.Sc. और Post Basic B.Sc. पाठ्यक्रम भी संचालित कर रहे हैं। चूंकि ये कॉलेज Suitable पाए गए हैं, इसलिए इनके विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में भी परीक्षा देने और पहले दी गई परीक्षाओं के परिणाम प्राप्त करने का लाभ देने पर सभी पक्षों ने सहमति जताई। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए ऐसे कॉलेजों के छात्रों को आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी है।

35 कॉलेजों को किसी अतिरिक्त शर्त के बिना राहत

Compliance Report के आधार पर CBI की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह ने कोर्ट को बताया कि 35 कॉलेज ऐसे हैं जो डुप्लीकेट फैकल्टी के बिना ही Suitable पाए गए हैं।  हाईकोर्ट ने इन 35 कॉलेजों के छात्रों को आगामी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है। साथ ही जो छात्र पहले B.Sc., M.Sc. या Post Basic B.Sc. की परीक्षा दे चुके हैं, उनके परिणाम भी संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किए जाएंगे। इन छात्रों की आगे की Academic Events भी बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।

जुर्माना जमा करने के बाद डुप्लीकेट फैकल्टी वाले कॉलेज भी माने जाएंगे Suitable

हाईकोर्ट ने कहा कि 189 Suitable Colleges में शामिल वे संस्थान जिनमें फैकल्टी डुप्लीकेसी पाई गई है, वे भी निर्धारित शर्तों का पालन कर Suitable Colleges के रूप में आगे बढ़ सकेंगे। इसके लिए उन्हें आदेश में निर्धारित जुर्माना एक महीने के भीतर जमा करना होगा। इसके बाद उनके छात्रों को भी Suitable Colleges के छात्रों के समान परीक्षा और रिजल्ट का लाभ मिलेगा।

नए नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर MPNRC को सतर्क रहने की हिदायत 

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अलोक बागरेचा व विशाल बघेल ने यह मुद्दा भी उठाया कि नए नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उनके पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य फैकल्टी मौजूद हो।  हाईकोर्ट ने MPNRC के रजिस्ट्रार को अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि नए कॉलेजों को मान्यता दिए जाने पर संबंधित डेटा हाईकोर्ट के समक्ष उपलब्ध कराया जाए और मान्यता से पहले सभी आवश्यक सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की विधिवत जांच की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Professional Courses के Regulators को Recognition और Affiliation की प्रक्रिया में अधिक सतर्क रहना होगा। किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय हो सकती है।

Suitable कॉलेज इस मुकदमे के दायरे से बाहर

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो कॉलेज INC और MPNRC के मानकों के अनुसार सभी तरह से Suitable पाए गए हैं, वे इस मुकदमे के दायरे से बाहर रहेंगे। उनके Academic Calendar और Examination संबंधित नियमों के अनुसार संचालित होंगे। हालांकि, यदि इन 189 कॉलेजों में भविष्य में कोई अनियमितता या विसंगति सामने आती है, तो याचिकाकर्ता या कोई अन्य Stakeholder उस मुद्दे को हाईकोर्ट के समक्ष उठा सकता है।

24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने विभिन्न High Power Committee Reports की प्रतियां संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि वे अगली सुनवाई में अपनी दलीलें तैयार कर सकें। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।



हाईकोर्ट का आदेश देखें       WP-1080-2022

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