हाईकोर्ट बार चुनाव में कार्यकारिणी पद पर अर्णव तिवारी, अभिजीत सोनी, अतुल द्विवेदी और वरुण दुबे भी जीते
लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में आशीष तिवारी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। कार्यकारिणी के पुरुष सदस्यों के लिए हुई मतगणना में आशीष तिवारी को 1028 वोट मिले। वह हाईकोर्ट बार के इस चुनाव के इतिहास में 1000 से अधिक वोट हासिल करने वाले पहले उम्मीदवार बन गए हैं। शनिवार को कार्यकारिणी के पुरुष वर्ग के 5 सदस्यों के परिणाम घोषित किए गए। आशीष तिवारी के साथ अर्णव तिवारी, अभिजीत सोनी, अतुल द्विवेदी और वरुण दुबे भी कार्यकारिणी सदस्य निर्वाचित हुए हैं।
आशीष तिवारी को सबसे ज्यादा 1028 वोट
मुख्य चुनाव अधिकारी संजय सेठ के अनुसार कार्यकारिणी पुरुष सदस्य पद के लिए मतगणना में आशीष तिवारी को सबसे अधिक 1028 वोट मिले। विजेता उम्मीदवारों को मिले वोट इस प्रकार हैं-
| उम्मीदवार | वोट |
|---|---|
| आशीष तिवारी | 1028 |
| अर्णव तिवारी | 927 |
| अभिजीत सोनी | 883 |
| अतुल द्विवेदी | 769 |
| वरुण दुबे | 729 |
आशीष तिवारी ने 1000 वोट का आंकड़ा पार कर चुनाव में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज की है।
महिला उपाध्यक्ष का परिणाम अभी अटका
हाईकोर्ट बार चुनाव में महिला उपाध्यक्ष पद का अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है। इस पद पर सुषमा पांडे और अनुराधा चौबे तिवारी के बीच बेहद करीबी मुकाबला चल रहा है। दोनों उम्मीदवारों के बीच फिलहाल केवल 3 वोट का अंतर है। मुख्य चुनाव अधिकारी संजय सेठ के अनुसार करीब 50 वोटों की गिनती अभी बाकी है। इन वोटों की गिनती सोमवार को महिला कार्यकारिणी सदस्यों की मतपेटी खोले जाने के दौरान की जाएगी। इसके बाद ही महिला उपाध्यक्ष पद का अंतिम परिणाम घोषित होगा।
सोमवार को महिला कार्यकारिणी के 3 पदों की गिनती
कार्यकारिणी सदस्यों के लिए महिलाओं के 3 पद आरक्षित हैं। इन पदों के लिए डाले गए मतों की गिनती सोमवार को होगी। इसी दौरान महिला उपाध्यक्ष पद के बचे हुए वोट भी गिने जाएंगे। इसलिए महिला उपाध्यक्ष के नतीजे के लिए अभी अंतिम घोषणा का इंतजार करना होगा।
हाईकोर्ट बार चुनाव में बढ़ा रोमांच
पुरुष कार्यकारिणी सदस्यों के नतीजे आने के बाद अब चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। हालांकि महिला कार्यकारिणी के तीन पदों और महिला उपाध्यक्ष के अंतिम परिणाम को लेकर अधिवक्ताओं की नजर सोमवार की मतगणना पर है। महिला उपाध्यक्ष पद पर केवल तीन वोट का अंतर होने के कारण बचे हुए करीब 50 वोट चुनाव का परिणाम बदल सकते हैं।
