LAW'S VERDICT

हाईकोर्ट का नरसिंहपुर कलेक्टर को आदेश: किसानों के खेतों में रखी PWD की निर्माण सामग्री 3 दिन में हटवाओ

लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर | 

नरसिंहपुर जिले में छह किसानों के खेतों में रखी गई लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क निर्माण सामग्री को तीन दिन के भीतर हटाने के निर्देश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिए हैं। हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह को किसानों की जमीनों को मूल स्वरूप में लौटाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया है।

सोमवार को जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने कलेक्टर का पक्ष सुनने के बाद यह निर्देश जारी किए। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

2021 में दायर की गई थी याचिका

मामले में नरसिंहपुर के मुशरान वार्ड निवासी प्रेमलता पटेल, मथुरा प्रसाद काछी, गुलजार मोहम्मद, पीर मोहम्मद, जगदीश गौंड़ और मुन्नालाल गौंड़ की ओर से वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार उनकी कृषि भूमि ग्राम जामुन पानी और भोरपानी, तेन्दूखेड़ा में स्थित है। इन जमीनों पर सड़क निर्माण की कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।

खेतों में सड़क नहीं, निर्माण सामग्री रखी गई: कलेक्टर

सोमवार को सुनवाई के दौरान नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह स्वयं डिवीजन बेंच के समक्ष उपस्थित हुईं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं की जमीनों पर सड़क का निर्माण नहीं किया गया है, बल्कि लोक निर्माण विभाग द्वारा वहां सड़क निर्माण सामग्री रखी गई है। कलेक्टर के इस कथन के बाद कोर्ट ने किसानों की जमीन पर रखी निर्माण सामग्री को हटाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए।

'PWD कलेक्टर के अधीन आता है', कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से यह दलील दी गई कि खेतों में रखी गई निर्माण सामग्री लोक निर्माण विभाग की है और इसका जिला प्रशासन से सीधा संबंध नहीं है। इस दलील पर डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर पूरे जिले के प्रभारी होते हैं और लोक निर्माण विभाग भी उनके प्रशासनिक दायरे में आता है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद डिवीजन बेंच ने नरसिंहपुर कलेक्टर को निर्देश दिए कि तीन दिनों के भीतर किसानों के खेतों से सड़क निर्माण सामग्री हटाई जाए और जमीनों को उनके मूल स्वरूप में लौटाया जाए। साथ ही इसकी अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने को कहा गया है।

एक सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

मामले में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश के पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब इस याचिका पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।


हाईकोर्ट का आदेश देखें        WP-21011-2021

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