घटना पर संज्ञान लेकर हाईकोर्ट कर रहा सुनवाई, DALSA सचिव को निरीक्षण के निर्देश
लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, इंदौर।
इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में एक नाबालिग द्वारा बुजुर्ग महिलाओं को डंडे से पीटे जाने का वीडियो वायरल होने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज की है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने सोमवार को इस मामले पर पहली सुनवाई की। बेंच ने राज्य सरकार से इंदौर संभाग के सभी शेल्टर होम एवं वृद्धाश्रमों की विस्तृत जानकारी तलब की है। साथ ही, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) के सचिव को उन शेल्टर होम्स का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जहां प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को स्थानांतरित किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है। इस दौरान राज्य सरकार को मांगी गई समस्त जानकारी प्रस्तुत करनी होगी, जबकि DALSA सचिव अपनी निरीक्षण रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करेंगे।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सोनल गुप्ता तथा पैनल अधिवक्ता सुश्री चारुल तिवारी उपस्थित रहीं।
क्या है पूरा मामला
31 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें एक किशोर बुजुर्ग महिलाओं को डंडे से पीटता हुआ दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आश्रम को सील कर दिया और वहां रह रहे 31 बुजुर्गों को सुरक्षित अन्य पंजीकृत स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया। जांच में पाया गया कि महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित यह आश्रम बिना सामाजिक न्याय विभाग की अनुमति के अवैध रूप से चल रहा था।
राज्य सरकार ने क्या बताया?
राज्य सरकार की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि हाईकोर्ट द्वारा उठाई गई चिंताओं के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के सभी बुजुर्गों को अन्य सरकारी शेल्टर होम्स में स्थानांतरित कर दिया गया है।
हालांकि, सुनवाई के दौरान जब अदालत ने यह पूछा कि इंदौर संभाग के विभिन्न शेल्टर होम्स में कुल कितने लोगों को रखने की क्षमता है, तब राज्य की ओर से उपस्थित अधिवक्ता इस संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके।
हाईकोर्ट के निर्देश
राज्य सरकार द्वारा पूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक निम्नलिखित जानकारी रिकॉर्ड पर प्रस्तुत की जाए—
- इंदौर संभाग में संचालित सभी शेल्टर होम्स एवं वृद्धाश्रमों की संख्या?
- प्रत्येक शेल्टर होम की अधिकतम आवास क्षमता?
- वर्तमान में प्रत्येक शेल्टर होम में रह रहे लोगों की संख्या?
इसके अतिरिक्त, अदालत ने DALSA के सचिव को निर्देशित किया कि वे उन सभी शेल्टर होम्स का निरीक्षण करें, जहां प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को स्थानांतरित किया गया है, तथा उनकी वर्तमान स्थिति, सुविधाओं और रहने की परिस्थितियों पर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।
