LAW'S VERDICT

सरकार ने हाईकोर्ट में अकादमिक कैलेंडर पेश कर कहा- सितंबर में होंगे छात्र संघ चुनाव

सरकार के जवाब पर भरोसा जताकर हाईकोर्ट ने छात्र संघ चुनाव की मांग वाली दो जनहित याचिकाओं का किया निराकरण  

लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर | 

मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सितंबर 2026 के दौरान छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे। राज्य सरकार ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष पेश किये जवाब में यह जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार अकादमिक कैलेंडर भी प्रस्तुत किया। सरकार के इस आश्वासन के बाद हाईकोर्ट ने छात्र संघ चुनाव कराने की मांग से संबंधित दो जनहित याचिकाओं का निराकरण कर दिया।

मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत अकादमिक कैलेंडर का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि सरकार ने छात्र संघ चुनाव कराने की समय-सीमा स्पष्ट कर दी है, जिसके बाद दोनों याचिकाओं का निस्तारण कर दिया गया।

क्या था मामला?

जबलपुर निवासी अदनान अंसारी और अवि सूर्यवंशी ने जनहित याचिकाएं दायर कर कहा था कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के बावजूद वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वर्ष 2017 से चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार और प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहे हैं।

हाईकोर्ट ने मांगा था अकादमिक कैलेंडर

मामले की पिछली सुनवाई 15 जुलाई को हुई थी। उस दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा था कि छात्र संघ चुनाव कब कराए जाएंगे और इस संबंध में अकादमिक कैलेंडर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को हुई सुनवाई में सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग का अकादमिक कैलेंडर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें सितंबर 2026 में छात्र संघ चुनाव आयोजित करने का कार्यक्रम शामिल है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अक्षर दीप ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन ने अदालत में दलीलें प्रस्तुत कीं।

छात्रों के लिए क्या मायने?

हाईकोर्ट में सरकार के आश्वासन के बाद अब प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। यदि सरकार अकादमिक कैलेंडर के अनुसार चुनाव कराती है, तो लंबे अंतराल के बाद छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा।

सरकार का अकादमिक कैलेंडर देखें 





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