LAW'S VERDICT

जबलपुर हाईकोर्ट में गूंजी गोलियां, 2 'आतंकी' ढेर, 3 जिंदा पकड़े

कोर्ट परिसर में जजों की मौजूदगी में आयोजित हुई हाई लेवल मॉक ड्रिल

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को परखने के लिए शुक्रवार शाम हाईकोर्ट परिसर में आतंकवादी हमले की हाई लेवल मॉक ड्रिल आयोजित की गई। करीब एक घंटे तक चले इस अभ्यास के दौरान गोलियों की आवाज गूंजी, पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर की घेराबंदी की और ऑपरेशन चलाकर 2 नकली आतंकियों को मार गिराया तथा 3 को जिंदा गिरफ्तार कर लिया।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले या बंधक जैसी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना था।

वायरलेस संदेश मिलते ही शुरू हुआ ऑपरेशन

मॉक ड्रिल की शुरुआत एक वायरलेस संदेश से हुई, जिसमें सूचना दी गई कि 5 हथियारबंद आतंकवादी हाईकोर्ट परिसर में घुस आए हैं, उन्होंने पक्षकारों को बंधक बना लिया है और जजों पर हमले की तैयारी कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस, हाईकोर्ट सुरक्षा दल और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पूरे परिसर की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। ऑपरेशन के दौरान भाग रहे दो आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि तीन को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरडीएक्स से भरा बैग भी किया गया बरामद

मॉक ड्रिल के दौरान आतंकियों द्वारा लाया गया आरडीएक्स से भरा बैग भी बरामद किया गया। बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर संभावित विस्फोट के खतरे को समाप्त किया।

कई एजेंसियों ने लिया हिस्सा

शाम 5 से 6 बजे तक चली इस संयुक्त मॉक ड्रिल में हाईकोर्ट सुरक्षा टीम के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ता (BDDS), फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवा की टीमों ने भाग लिया। अभ्यास के लिए ओवल ग्राउंड में स्कैनिंग गेट और एक अस्थायी कोर्ट रूम भी तैयार किया गया था।

जजों ने देखा पूरा लाइव ऑपरेशन


मॉक ड्रिल एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया की मौजूदगी में आयोजित हुई। इस दौरान प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक, जस्टिस विवेक अग्रवाल, जस्टिस विवेक कुमार सिंह, जस्टिस विशाल मिश्रा, जस्टिस विशाल धगट सहित अन्य न्यायाधीश उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल धरमिन्दर सिंह, रजिस्ट्रार प्रशासन हर्ष बहरावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पी.एल. परतेती, डीएसपी पंकज परमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल का संचालन एएसआई अजय परोचे ने किया। 

अंत में सुरक्षा बलों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ परेड मार्च भी निकाला।




रजिस्ट्रार जनरल बोले— सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

रजिस्ट्रार जनरल धरमिन्दर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा बेहद सख्त है और यह संयुक्त मॉक ड्रिल किसी भी आकस्मिक हमले या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का हिस्सा है।


नोट: यह वास्तविक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए आयोजित आधिकारिक मॉक ड्रिल थी।

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