LAW'S VERDICT

अमानक गुटका बेचने वाले मुन्ना पान भंडार के संचालक को 6 माह की जेल, 10 हजार का जुर्माना भी

जबलपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दोषी पाया गया आरोपी शमशेर हुसैन

जबलपुर। स्थानीय इनकम टैक्स ऑफिस के सामने स्थित प्रसिद्ध 'मुन्ना पान भंडार' के संचालक शमशेर हुसैन को मिलावटी और असुरक्षित गुटका बेचने के आरोप में न्यायालय ने जेल की सजा सुनाई है। जबलपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरुण कुमार गोयल की अदालत ने आरोपी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 59 (1) के तहत दोषी पाते हुए 6  माह के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

निरीक्षण के दौरान खुली थी पोल

मामला 26  सितंबर 2019 का है, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधुरी मिश्रा ने अपनी टीम के साथ मुन्ना पान भंडार पर औचक निरीक्षण किया था। वहाँ मानव उपभोग के लिए रखे गए पान मसाला और गुटके के मानक स्तर की जाँच करने के लिए अधिकारी ने 500 रुपये नकद देकर गुटके के 50 पैकेट खरीदे। नियमों के तहत इन पैकेटों को चार बराबर भागों में विभाजित कर सीलबंद किया गया और आरोपी के हस्ताक्षर कराए गए।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट में निकला 'असुरक्षित'

जब्त किए गए नमूनों को जाँच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया था। लैब की रिपोर्ट में गुटके का नमूना पूरी तरह से 'असुरक्षित' और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया। इसके बाद विभाग द्वारा आरोपी को अपील का अवसर दिया गया, और अंततः आवश्यक अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया।

अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी

उप-संचालक (अभियोजन) के.एस. मुवेल एवं सहायक निदेशक हनुमंत किशोर शर्मा के मार्गदर्शन में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भगवत उईके ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत पुख्ता सबूतों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को इस गंभीर स्वास्थ्य खिलवाड़ के लिए कड़ा दंड सुनाया।
जिला अभियोजन कार्यालय के मीडिया सेल प्रभारी भगवत उईके ने बताया कि मिलावटखोरों और जनता के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले व्यवसायियों के खिलाफ विभाग की यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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