हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों पर सुनवाई, संचालक ने कहा- सभी घोड़े बेच दिए; हाईकोर्ट ने मांगे बिक्री के दस्तावेज
जबलपुर। हैदराबाद से कथित रूप से अवैध तरीके से जबलपुर लाए गए 49 रेसकोर्स घोड़ों के मामले में दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान फार्म हाउस संचालक सचिन तिवारी की ओर से दावा किया गया कि सभी घोड़े बेच दिए गए हैं। इस पर एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने पूछा कि घोड़े किसे, कब और किन दस्तावेजों के आधार पर बेचे गए, इसका पूरा रिकॉर्ड अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
49 घोड़ों को लेकर दायर हुई है जनहित याचिका
जबलपुर निवासी सिमरन इस्सर की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि हैदराबाद के रेसकोर्स में दौड़ने वाले 154 घोड़ों को रेस से बाहर होने के बाद देश के विभिन्न स्थानों पर भेजा गया। इनमें से 49 घोड़ों को जबलपुर के पनागर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम रैपुरा में संचालित फार्म हाउस में रखा गया।
याचिका में आरोप है कि इन घोड़ों को अवैध और क्रूर तरीके से जबलपुर लाया गया तथा खुले में रखकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। पर्याप्त भोजन और देखभाल न मिलने से कई घोड़ों की मौत होने का भी दावा किया गया है।
रेसकोर्स संचालन और ऑनलाइन जुए के भी आरोप
याचिका के अनुसार, हैदराबाद स्थित रेसकोर्स का संचालन हॉर्स पॉवर स्पोर्ट्स लिमिटेड के सुरेश पालाडुगु द्वारा किया जाता था। आरोप है कि वर्ष 2023 से रेस की आड़ में ऑनलाइन जुए का संचालन किया गया और बाद में दौड़ने में अक्षम हो चुके घोड़ों को अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया गया। याचिका में दावा किया गया है कि जबलपुर भेजे गए घोड़े सुरेश पालाडुगु के करीबी बताए गए सचिन तिवारी के फार्म हाउस में रखे गए थे।
हाईकोर्ट ने मांगा बिक्री का पूरा रिकॉर्ड
शुक्रवार को हुई सुनवाई में सचिन तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने अदालत को बताया कि सभी घोड़े बेच दिए गए हैं। इस दावे पर खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि घोड़ों की बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज, खरीदारों के नाम, बिक्री की तारीख और अन्य संबंधित रिकॉर्ड अगली सुनवाई से पहले अदालत में प्रस्तुत किए जाएं।
इन पक्षों ने रखा अपना पक्ष
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा और अधिवक्ता सोमेश अवस्थी, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह, जबकि फार्म हाउस संचालक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल एवं अधिवक्ता अर्पित अग्रवाल उपस्थित हुए। अदालत अब दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे सुनवाई करेगी।
