LAW'S VERDICT

मुंबई में था युवक तो सतना में कैसे कर रहा था कफ सिरप की तस्करी? MP हाईकोर्ट ने दी जमानत

1110 बोतल कफ सिरप की कथित तस्करी का मामला; CCTV फुटेज और लोकेशन संबंधी दस्तावेजों पर कोर्ट ने किया गौर, आरोपी के नाम पर दर्ज था जब्त वाहन

जबलपुर | लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज

कफ सिरप की 1110 बोतलों की कथित तस्करी के मामले में गिरफ्तार सतना के एक युवक को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिली है। आरोपी की ओर से दावा किया गया कि पुलिस जिस दिन की घटना बता रही है, उस दिन वह सतना में नहीं बल्कि मुंबई में मौजूद था। मामले में पेश किए गए CCTV फुटेज और लोकेशन से संबंधित दस्तावेजों पर विचार करने के बाद जस्टिस देवनारायण मिश्रा की अदालत ने आरोपी सतीश कुमार त्रिपाठी की जमानत अर्जी स्वीकार कर उसे रिहा करने के आदेश दिए।

आरोपी के नाम पर दर्ज वाहन से मिली थीं 1110 बोतलें

अभियोजन के अनुसार, सतना जिले के सभापुर थाना क्षेत्र निवासी सतीश कुमार त्रिपाठी को कोठी थाना पुलिस ने 10 मई 2025 को हिरासत में लिया था। आरोप था कि सतीश के नाम पर रजिस्टर्ड वाहन का इस्तेमाल 1110 बोतल कफ सिरप की कथित तस्करी में किया गया था। वाहन का पंजीयन उसके नाम पर होने के कारण उसे मामले से जोड़ा गया।

‘घटना के दिन मुंबई में था आरोपी’

आवेदक की ओर से अधिवक्ता अक्षय नामदेव ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि जिस तारीख को कथित घटना हुई, उस समय उनका मुवक्किल मुंबई में मौजूद था। बचाव पक्ष के मुताबिक, सतीश ने अपनी कार सतना में रहने वाले अपने चचेरे भाई ऋषभ को निजी उपयोग के लिए दी थी। आरोपी की घटना के समय मौजूदगी को लेकर बचाव पक्ष ने कोर्ट के समक्ष CCTV फुटेज और लाइव लोकेशन से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।

मौके से नहीं हुई थी गिरफ्तारी

हाईकोर्ट ने उपलब्ध सामग्री पर विचार करते हुए पाया कि आवेदक को कथित घटना के समय मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया था। घटना के तुरंत बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। अदालत ने आरोपी की घटना स्थल पर मौजूदगी से संबंधित सामग्री और बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को जमानत पर विचार करते समय महत्वपूर्ण माना।

वाहन मालिक होना बना गिरफ्तारी का आधार

अदालत के समक्ष यह तथ्य भी आया कि जिस वाहन से कथित रूप से कफ सिरप ले जाया जा रहा था, वह सतीश कुमार त्रिपाठी के नाम पर रजिस्टर्ड था। हालांकि बचाव पक्ष का कहना था कि वाहन उसके चचेरे भाई को इस्तेमाल के लिए दिया गया था और कथित घटना के समय सतीश स्वयं मुंबई में था। इन परिस्थितियों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने सतीश कुमार त्रिपाठी की जमानत अर्जी मंजूर कर रिहाई के आदेश दिए।


हाईकोर्ट का आदेश देखें     MCRC-27743-2026

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