LAW'S VERDICT

बार चुनाव में धांधली के आरोपों पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन: वोटिंग रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश

अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव की याचिका पर 4 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

जबलपुर | लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज

जबलपुर जिला बार एसोसिएशन चुनाव 2026 में कथित अनियमितताओं और चुनाव निरस्त होने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्टेट बार काउंसिल द्वारा गठित एडहॉक कमेटी को 20 जुलाई 2026 को हुए मतदान से संबंधित सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज को व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने की। न्यायालय ने संबंधित पक्षों को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को निर्धारित की है।

चुनाव में धांधली के आरोप

याचिकाकर्ता अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव, निवासी गंगानगर, ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि 20 जुलाई 2026 को हुए जिला बार एसोसिएशन चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इन्हीं आरोपों के चलते चुनाव प्रक्रिया निरस्त कर दी गई और 28 जुलाई 2026 को पुनः मतदान कराने का निर्णय लिया गया। याचिकाकर्ता ने स्वयं न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर आग्रह किया कि 20 जुलाई के मतदान का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में गठित जांच समिति निष्पक्ष जांच कर सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

जांच समिति नहीं बनने पर उठाए सवाल

याचिका में यह भी कहा गया कि चुनाव संचालन के लिए एडहॉक कमेटी का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन कथित धांधली की जांच के लिए अब तक कोई स्वतंत्र जांच समिति गठित नहीं की गई है। याचिकाकर्ता ने इसे प्रक्रिया की दृष्टि से अनुचित और कानून के अनुरूप नहीं बताया।

जरूरत पड़ने पर पुलिस-प्रशासन का मिलेगा सहयोग

हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि यदि मतदान से संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने में एडहॉक कमेटी को किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो वह स्थानीय पुलिस एवं जिला प्रशासन का सहयोग लेने के लिए स्वतंत्र होगी।

तीन वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की जांच समिति के संकेत

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज अथवा स्पेशल जज स्तर के तीन वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की जा सकती है। इस संबंध में अंतिम निर्णय आगामी सुनवाई के दौरान लिया जा सकता है।

जबलपुर जिला बार एसोसिएशन चुनाव विवाद अब न्यायिक जांच की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। 4 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश आने की संभावना है।


हाईकोर्ट का आदेश देखें    WP-29626-2026

Post a Comment

Previous Post Next Post