पुलिस कमिश्नर से हलफनामे पर मांगा जवाब; कोहेफिजा थाना टीआई को CCTV फुटेज के साथ हाजिर होने के निर्देश, 24 जुलाई को अगली सुनवाई
जबलपुर। भोपाल पुलिस द्वारा आपराधिक मामलों की केस डायरी हाईकोर्ट में पेश नहीं किए जाने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। पश्चिम बंगाल निवासी एक डॉक्टर की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है, बल्कि कई प्रकरणों में रेडियो मैसेज भेजे जाने के बावजूद भोपाल पुलिस की ओर से केस डायरी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर को इस संबंध में शपथपत्र पर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोहेफिजा थाने के टीआई को 4 मई से 6 मई 2026 तक के सीसीटीवी फुटेज के साथ अदालत में उपस्थित होने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की गई है।
डेढ़ लाख के नकली नोटों के मामले में डॉक्टर गिरफ्तार
जमानत अर्जी पश्चिम बंगाल के वीरभूमि निवासी शैफुल इस्लाम की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। उसके खिलाफ भोपाल के कोहेफिजा थाने में करीब डेढ़ लाख रुपये के नकली नोटों से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है
याचिकाकर्ता का दावा है कि उक्त रकम उसे वाहन बेचने के एवज में मिली थी। नोट नकली होने की आशंका होने पर वह स्वयं इसकी शिकायत करने थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उलटे उसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने उसकी फर्जी गिरफ्तारी भी दिखाई , जिसकी पुष्टि कोहेफिजा थाने के CCTV फुटेज से की जा सकती है। इस मामले में जमानत का लाभ पाने के लिए शैफुल इस्लाम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
केस डायरी नहीं पहुंची तो कोर्ट ने जताई नाराजगी
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने पक्ष रखा। सुनवाई के समय संबंधित मामले की केस डायरी उपलब्ध नहीं होने पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने इस बात पर भी गौर किया कि भोपाल पुलिस द्वारा केस डायरी पेश नहीं किए जाने की समस्या अन्य मामलों में भी सामने आ रही है।
इसके बाद हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को शपथपत्र के माध्यम से जवाब देने और कोहेफिजा थाना प्रभारी को संबंधित अवधि के सीसीटीवी फुटेज के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
हाईकोर्ट का आदेश देखें MCRC-28277-2026
