LAW'S VERDICT

जिला बार चुनाव में सख्ती: पोस्टर-बैनर और घर-घर प्रचार पर रोक

चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले वकीलों की नो एंट्री

जबलपुर। जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और गरिमापूर्ण बनाने के लिए निर्वाचन समिति ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी.एस. ठाकुर ने नई नियमावली लागू करते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी अब न तो पोस्टर, बैनर और फ्लेक्स लगाकर प्रचार कर सकेंगे और न ही मतदाता अधिवक्ताओं के घर-घर जाकर वोट मांग सकेंगे।

पोस्टर-बैनर लगाने पर होगी कार्रवाई

निर्वाचन समिति के अनुसार, जबलपुर जिले या न्यायालय परिसर के भीतर किसी भी स्थान पर पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स या अन्य प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई प्रत्याशी नियमों का उल्लंघन करता है तो निर्वाचन समिति उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकेगी।

इस संबंध में सभी प्रत्याशियों को औपचारिक सूचना जारी कर दी गई है।

डोर-टू-डोर प्रचार पर भी प्रतिबंध

चुनाव को मर्यादित और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से समिति ने डोर-टू-डोर कैंपेनिंग पर भी पूर्ण रोक लगा दी है। प्रत्याशी केवल निर्वाचन समिति द्वारा निर्धारित नियमों और शालीनता की सीमा में रहकर ही मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे।

5 वर्ष या अधिक की सजा पाने वाले वकील नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी.एस. ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जिन अधिवक्ताओं को किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई जा चुकी है और उन्हें दोषी ठहराया गया है, उन्हें जिला अधिवक्ता संघ के किसी भी पद का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य (अपात्र) घोषित किया जाएगा।

इस फैसले का उद्देश्य बार चुनाव में स्वच्छ छवि और पारदर्शिता बनाए रखना बताया गया है।

निष्पक्ष चुनाव पर समिति का फोकस

निर्वाचन समिति का कहना है कि नई नियमावली का उद्देश्य चुनावी माहौल को सौहार्दपूर्ण बनाए रखना, अनावश्यक प्रचार पर रोक लगाना और बार चुनाव की गरिमा बनाए रखना है।



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