शराब पीकर घर आने पर हुए विवाद के बाद बका से किया था दोहरा हत्याकांड, अदालत ने बताया जघन्य अपराध
जबलपुर। जबलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पत्नी और 8 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या के मामले में आरोपी रामजी भूमिया को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश राजेश कुमार यादव की अदालत ने मामले को दुर्लभतम श्रेणी (Rarest of Rare) का मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया।
शराब पीकर घर आने पर हुआ था विवाद, बका से कर दी हत्या
अभियोजन के अनुसार, 6 जून 2025 की रात बरगी थाना क्षेत्र के बसंत नगर में आरोपी रामजी भूमिया शराब पीकर घर पहुंचा, जिस पर उसकी पत्नी राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर बेटी महक ने अपने भाई आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान को फोन कर घर बुलाया।
आशीष ने दोनों को समझाकर मामला शांत कराया और घर से निकल गया। कुछ देर बाद महक की चीख सुनकर वह वापस पहुंचा तो देखा कि उसकी मां और बहन खून से लथपथ पड़ी थीं, जबकि आरोपी हाथ में खून से सना बका लिए खड़ा था। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
घायल राधा को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल 8 वर्षीय महक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
सबूतों के आधार पर दोष सिद्ध, अदालत ने सुनाई फांसी
मुकदमे के दौरान विशेष लोक अभियोजक बबिता कुल्हारा नागदेव ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत पैरवी की। अदालत ने दोनों हत्याओं को अत्यंत क्रूर और जघन्य अपराध मानते हुए आरोपी को भारतीय दंड कानून के तहत मृत्युदंड से दंडित किया।
तीन साल बाद जबलपुर में सुनाई गई फांसी की सजा
जिला एवं सत्र न्यायालय, जबलपुर द्वारा करीब तीन वर्ष बाद किसी आपराधिक मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे पहले 27 अप्रैल 2023 को गोरखपुर क्षेत्र में नाली विवाद के दौरान दंपति की हत्या के मामले में आरोपी रवि कुशवाहा, विनय कुशवाहा और राजा कुशवाहा (तीनों भाई) को मृत्युदंड सुनाया गया था।
