LAW'S VERDICT

प्रमोशन में आरक्षण नियमों पर हाईकोर्ट में फिर होगी सुनवाई, सरकार की पूरी प्रक्रिया कोर्ट के फैसले पर टिकी

प्रमोशन रूल्स-2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द होगी सुनवाई, एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच ने मंजूर की अर्ज़ी

जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नौ साल बाद शुरू की गई प्रमोशन प्रक्रिया पर एक बार फिर कानूनी संकट गहराता नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रमोशन रूल्स-2025 की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया है। ऐसे में सरकार की पूरी पदोन्नति प्रक्रिया अब हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर निर्भर मानी जा रही है।

एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीज़न बेंच ने मंगलवार को याचिकाकर्ताओं की शीघ्र सुनवाई की मांग स्वीकार करते हुए रजिस्ट्री को जल्द नई तारीख तय करने के निर्देश दिए हैं।

फैसला सुरक्षित था, लेकिन बदल गई बेंच

भोपाल की डॉ. स्वाति तिवारी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 2025 में प्रमोशन रूल्स-2025 को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली बेंच ने 17 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन उनके सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के कारण निर्णय नहीं सुनाया जा सका।

सरकार ने शुरू की प्रमोशन प्रक्रिया, याचिकाकर्ता पहुंचे कोर्ट

राज्य सरकार द्वारा प्रमोशन की कवायद तेज किए जाने के बाद याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा और अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु ने मंगलवार को तत्काल सुनवाई की मांग की। अदालत ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले को प्राथमिकता से सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।

लाखों कर्मचारियों की निगाहें हाईकोर्ट पर

प्रमोशन में आरक्षण का यह मामला प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी है, क्योंकि यही तय करेगा कि सरकार की प्रमोशन प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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