जबलपुर। मप्र उच्च न्यायालय ने भोपाल साइबर क्राइम द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन युवकों को पेश करने के लिए राजस्थान पुलिस को न्यायिक आदेश जारी किए हैं। विवादित सोशल मीडिया पोस्ट मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तीनों आरोपियों को अगली सुनवाई 29 अप्रैल को अदालत में पेश किया जाए। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की।
22 अप्रैल के आदेश के बाद भी पेश नहीं हुए आरोपी
हाईकोर्ट ने इससे पहले 22 अप्रैल को आदेश देकर राजस्थान पुलिस को तीनों युवकों को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके सोमवार को आरोपी पेश नहीं किए जा सके। कोर्ट में उपस्थित हुए जयपुर के एडिशनल एसपी आरके शुक्ला ने डिवीज़न बेंच को बताया कि तीनों युवक फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं, इसलिए उन्हें अदालत में पेश करने के लिए अलग से ज्यूडीशियल ऑर्डर आवश्यक है।
कोर्ट ने तुरंत जारी किए न्यायिक आदेश
राजस्थान पुलिस की दलील सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने तत्काल ज्यूडीशियल ऑर्डर जारी किए और निर्देश दिया कि तीनों आरोपियों को 29 अप्रैल की अगली सुनवाई पर पेश किया जाए।
वसुंधरा राजे से जुड़ी वायरल न्यूज पर हुई थी गिरफ्तारी
यह पूरा मामला राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक विवादित न्यूज से जुड़ा है। इसी मामले में भोपाल साइबर क्राइम द्वारा तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था।
भाइयों और दोस्त ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
तीनों अलग-अलग याचिकाएं भोपाल के खिजर खान ने अपने भाई बिलाल खान, उदय घेनघट ने अपने मित्र निखिल प्रजापति और अनाम अहमद ने अपने भाई इनाम अहमद की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दायर की हैं। याचिकाओं में कहा गया है कि 20 अप्रैल को गिरफ्तारी की गई थी और कार्रवाई की वैधानिकता पर सवाल उठाए गए हैं।
दो राज्यों के वकील रहे मौजूद
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हरजस सिंह छाबड़ा पैरवी कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रम्हदत्त सिंह तथा राजस्थान सरकार की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह उपस्थित हुए। मामले में अब अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी, जब तीनों युवकों को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। इस सुनवाई पर सभी पक्षों की नजर टिकी हुई है।