9 सब इंस्पेक्टरों की याचिका पर हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में प्रमोशन प्रक्रिया रोकने पर राज्य सरकार को कड़ा झटका देकर कहा है कि पुलिस विभाग में उच्च पदों पर कार्यवाहक (ऑफिसिएटिंग) नियुक्ति/चार्ज देने की प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी की जाए। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की अदालत ने 9 सब इंस्पेक्टरों की याचिका पर यह अहम आदेश पारित किया। कोर्ट ने साफ कहा कि जिन मध्यप्रदेश सिविल सेवा (प्रमोशन) नियम, 2025 के आधार पर प्रक्रिया रोकी गई थी, उन नियमों पर पहले ही न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाई जा चुकी है। ऐसे में सब इंस्पेक्टरों के प्रमोशन को रोकना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर पर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार 30 दिन की समयसीमा में प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करती है या नहीं।
20 जून 2025 के आदेश को दी गई थी चुनौती
याचिकाकर्ताओं ने 20 जून 2025 को जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि उच्च पदों पर कार्यवाहक नियुक्ति/चार्ज देने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रहेगी, क्योंकि राज्य सरकार ने नई प्रमोशन नियमावली 2025 लागू कर दी है।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय के. अग्रवाल और अधिवक्ता सिद्धार्थ कुमार शर्मा ने तर्क रखा कि नई नियमावली की वैधता पहले से हाईकोर्ट में चुनौती के अधीन है।
सरकार ने भी मानी रोक की बात
राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट पहले ही अंतरिम आदेश के जरिए प्रमोशन रूल्स 2025 पर रोक लगा चुका है।
इस पर अदालत ने कहा कि जब नई नियमावली स्थगित है, तब उसके आधार पर प्रमोशन प्रक्रिया रोकना न्यायसंगत नहीं है। साथ ही कोर्ट ने माना कि एम.पी. पुलिस रेगुलेशंस का संशोधित पैरा 72 अभी भी प्रभावी है और उसी के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
30 दिन में पूरी हो प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि संबंधित अधिकारी नई नियमावली 2025 से प्रभावित हुए बिना पुरानी व्यवस्था के तहत याचिकाकर्ताओं को उच्च पदों पर कार्यवाहक नियुक्ति/चार्ज देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं और प्रमाणित प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर पूरी करें।
256 सब इंस्पेक्टरों को राहत
इस फैसले का सीधा लाभ प्रदेशभर में कार्यरत करीब 256 सब इंस्पेक्टरों को मिलने की संभावना है, जिनकी पदोन्नति या उच्च पद का चार्ज इसी आदेश के कारण अटका हुआ था।
किन अधिकारियों ने लगाई थी याचिका
यह याचिका रीवा के संदीप भारती, छिंदवाड़ा के महेंद्र भगत, टीकमगढ़ के हेमंत नायक, ग्वालियर के अविनाश सिंह राठौर, मंडला के पुनीत बाजपेयी, सुरजीत सिंह परमार, जबलपुर के सतीश झारिया, वर्षा सलामे और भोपाल के पवन कुमार सेन सहित 9 सब इंस्पेक्टरों की ओर से दायर की गई थी।
