LAW'S VERDICT

दुबई से सतीश सनपाल ने भारतीय दूतावास के जरिए भेजे वकालतनामा, सरकार कराएगी पुष्टि

सनपाल की 5 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में अब 13 मई को होगी सुनवाई 

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में सतीश सनपाल द्वारा दायर 5 पुनरीक्षण याचिकाओं में नया मोड़ आ गया है। दुबई में रह रहे सतीश सनपाल ने भारतीय दूतावास के माध्यम से हस्ताक्षरित वकालतनामें हाईकोर्ट में पेश किए हैं। जस्टिस बीपी शर्मा की अदालत ने राज्य सरकार को दस्तावेजों की पुष्टि के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामलों की अगली सुनवाई 13 मई 2026 को होगी।

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से भेजे दस्तावेज

सुनवाई के दौरान सतीश सनपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा अधिवक्ता अनुशासित आर्य उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत के समक्ष वह वकालतनामा प्रस्तुत किया, जिस पर याचिकाकर्ता के हस्ताक्षर हैं और जिसे दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा अग्रेषित किया गया है।

याचिकाकर्ता पक्ष ने इन दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने का आग्रह किया, जिस पर अदालत ने राज्य सरकार को सत्यापन का अवसर प्रदान किया।

सरकार ने मांगा परीक्षण का समय

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह तथा अधिवक्ता अमित पांडेय, आकाश मालपानी और अद्वित्य पराशर उपस्थित हुए। सरकारी पक्ष ने कहा कि प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण और सत्यापन आवश्यक है, इसलिए समय दिया जाए। अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए दो सप्ताह की मोहलत दी।

5 एफआईआर को चुनौती

उल्लेखनीय है कि सतीश सनपाल ने अपनी याचिकाओं में दावा किया है कि वह मार्च 2020 से दुबई में रह रहे हैं और तब से भारत नहीं आए। इसके बावजूद जबलपुर के ओमती थाने में तीन तथा सिविल लाइन्स और मदन महल थाने में एक-एक एफआईआर दर्ज की गईं। याचिकाकर्ता का दावा है कि ये मामले उन्हें बदनाम करने की नीयत से दर्ज किए गए हैं और इन्हें निरस्त किया जाना चाहिए।

पहले पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर उठी थी आपत्ति

पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने पॉवर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से दायर याचिकाओं की वैधता पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद अब भारतीय दूतावास से प्रमाणित वकालतनामा पेश किए जाने से मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। अब अगली सुनवाई 13 मई को होगी, जहां सरकार सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकती है।


हाईकोर्ट का आदेश देखें       MCRC-11705-2026

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