LAW'S VERDICT

सोम डिस्टलरीज केस: लायसेंस सस्पेंशन पर स्टे की मांग

आधे घंटे चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा 

जबलपुर | मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सोम डिस्टलरीज के लायसेंस निलंबन को लेकर दायर अपील पर बुधवार को अहम सुनवाई हुई। करीब 30 मिनट तक अंतरिम राहत (स्टे) के मुद्दे पर चली बहस के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा. लि. ने आबकारी आयुक्त के आदेश को चुनौती दी है। 4 फरवरी 2026 को जारी आदेश में कंपनी के 8 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। यह कार्रवाई 26 फरवरी 2024 के शो-कॉज नोटिस के आधार पर की गई, जिसमें फर्जी परमिट से शराब परिवहन का आरोप लगाया गया था।

याचिकाकर्ता बोले पूरा काम ठप्प पड़ा 

कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अधिवक्ता राहुल दिवाकर की दलील थी कि लाइसेंस ससपेंड होने के बाद पिछले 2 महीने 10 दिन से फैक्ट्रियां बंद हैं। कंपनी देश की बड़ी ब्रेवरीज में शामिल है। लाइसेंस सस्पेंशन से पूरा कारोबार ठप हो गया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने आदेश को सही ठहराते हुए कार्रवाई का बचाव किया गया।

अब आगे क्या?

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम राहत (स्टे) पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कोर्ट कंपनी को राहत देता है या आबकारी विभाग की कार्रवाई को बरकरार रखता है।

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