LAW'S VERDICT

गैंगस्टर हाजी अब्दुल रज्जाक केस: अब जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच में ही होगी सुनवाई

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने दिए स्पष्ट निर्देश, न्यायिक निरंतरता का हवाला

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में कुख्यात गैंगस्टर हाजी अब्दुल रज्जाक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की आगे की सुनवाई अब जस्टिस विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ही करेगी।

सोमवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि इस मामले में पहले ही जस्टिस अग्रवाल की बेंच द्वारा विस्तृत सुनवाई की जा चुकी है, इसलिए न्यायिक निरंतरता (Judicial Continuity) के सिद्धांत के तहत वही बेंच आगे सुनवाई करेगी।

विधायक संजय पाठक पर साजिश के आरोप

याचिकाकर्ता हाजी अब्दुल रज्जाक ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उसके खिलाफ कार्रवाई एक प्रभावशाली राजनेता के इशारे पर की गई।

याचिका के अनुसार, रज्जाक 26 अगस्त 2021 से न्यायिक हिरासत में है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर 31 अक्टूबर को रज्जाक ने भाजपा विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक का नाम लिया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे।

हालांकि, विधायक पाठक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

रोस्टर विवाद के बाद मामला पहुंचा चीफ जस्टिस की बेंच

2 अप्रैल की सुनवाई के दौरान रोस्टर को लेकर आपत्ति उठाई गई थी। दलील दी गई कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस की बेंच को करनी चाहिए, जिसके बाद मामला चीफ जस्टिस की बेंच के पास भेजा गया।

सोमवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली और शारिक अकील फारूकी ने पक्ष रखा, जबकि राज्य की ओर से प्रशान्त सिंह ने दलीलें पेश कीं।

कोर्ट का अंतिम निर्देश

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामला फिर से जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच को सौंपते हुए निर्देश दिया कि वही बेंच अब इस पर अंतिम सुनवाई आगे बढ़ाए।


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