LAW'S VERDICT

गलत वेरिफिकेशन पर घुघरी टीआई की खुली पोल, आरोपी को मिली टेम्पररी बेल

गलत वेरिफिकेशन रिपोर्ट पेश करने पर हाईकोर्ट ने मंडला के एसपी और टीआई को किया था तलब 

जबलपुर | गलत सत्यापन रिपोर्ट देने के मामले में Madhya Pradesh High Court ने सख्त रुख अपनाते हुए मण्डला पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई। डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की—“आपको यहां सिर्फ इसलिए बुलाया गया ताकि आपको पता चले कि टीआई कैसे काम कर रहे हैं।” मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने की।

सुनवाई के दौरान मण्डला एसपी रजत सकलेचा और घुघरी थाना प्रभारी पूजा बघेल कोर्ट में उपस्थित हुए। बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद गलत रिपोर्ट पेश हो रही है, तो आम लोगों के मामलों में स्थिति कैसी होगी...यह सोचने वाली बात है।

आरोपी ने भाई की शादी के लिए मांगी थी बेल 

आरोपी अन्नू वनवासी को नाबालिग से दुराचार के मामले में 17 अक्टूबर 2024 को 20 साल की सजा हुई थी। उसने सजा के खिलाफ 2025 में हाईकोर्ट में अपील दायर की। अपील लंबित रहने के दौरान आरोपी ने आवेदन दिया कि उसके भाई की 20 अप्रैल को शादी है, इसलिए अस्थायी जमानत दी जाए। 

महिला टीआई की रिपोर्ट में बड़ी गड़बड़ी

घुघरी थाने के टीआई द्वारा पेश रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी की शादी 20 अप्रैल को होनी है, जबकि वास्तविकता यह थी कि शादी आरोपी के भाई अनिल की 20 अप्रैल को होनी थी। इस विरोधाभास को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने एसपी को सही रिपोर्ट के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे।

एसपी ने दी सही जानकारी, तब मिली राहत

शुक्रवार को एसपी रजत सकलेचा ने कोर्ट में सही तथ्य पेश किए कि शादी आरोपी के भाई की ही है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सीमित अवधि के लिए राहत देते हुए कहा कि आरोपी की 19 अप्रैल को रिहाई होगी और उसको 21 अप्रैल को सरेंडर करना होगा। 


हाईकोर्ट का आदेश देखें   CRA-5514-2025

 

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