LAW'S VERDICT

रीवा के यूट्यूबर को हाईकोर्ट से नहीं मिली अग्रिम जमानत

ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का है आरोप 

जबलपुर। ब्राह्मण समाज की लड़कियों को लेकर कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में आरोपी रीवा के एक यूट्यूबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

मामला रीवा जिले से जुड़ा है। लौर थाना क्षेत्र के ग्राम खुटहा निवासी यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल के खिलाफ रीवा के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी मनीष पटेल ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और फिर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(ए) और 353(3) के तहत अपराध दर्ज किया।

गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाई थी अग्रिम जमानत

मामले में गिरफ्तारी की आशंका के चलते आरोपी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता रघुवर प्रजापति और आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल तिवारी ने पक्ष रखा। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी मनीष कुमार पटेल के खिलाफ पहले से ही चोरी के पांच आपराधिक मामले लंबित हैं। इन तथ्यों को देखते हुए जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी

निचली अदालत भी खारिज कर चुकी है जमानत

इससे पहले आरोपी ने निचली अदालत में भी जमानत याचिका दायर की थी, जिसे रीवा के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 9 फरवरी 2026 को खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपी पहले भी ब्राह्मण समाज के धार्मिक कर्मकांडों को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट कर चुका है। इसके अलावा भारतीय सेना के शहीद सैनिकों की विधवाओं को लेकर भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी।

हाईकोर्ट का आदेश देखें  MCRC-9028-2026

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