LAW'S VERDICT

महिला जज से अभद्रता पर सिवनी जिला बार अध्यक्ष रवि गोल्हानी को अवमानना नोटिस

कोर्ट रूम में बदसलूकी करने पर हाईकोर्ट ने अपनाया कड़ा रुख

जबलपुर। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक महिला न्यायिक अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस गंभीर घटना पर हाईकोर्ट ने सिवनी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि गोल्हानी को आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) का नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि न्यायालय की गरिमा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी। 

सुनवाई के दौरान की थी अभद्रता 

यह मामला सिवनी जिला अदालत का है, जहां मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (CJM) कला भम्मरकर की अदालत में 19 मार्च 2025 को सुनवाई के दौरान कथित रूप से अभद्रता की घटना सामने आई। बताया गया है कि एक केस की सुनवाई के दौरान जिला बार अध्यक्ष रवि गोल्हानी, जो एक पक्षकार की ओर से पेश हुए थे, उन्होंने कोर्ट में महिला जज के साथ अनुचित और अपमानजनक व्यवहार किया। इस घटना को गंभीर मानते हुए सिवनी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पूरे मामले की रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजी थी, जिसमें अवमानना की कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान

जबलपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि न्यायालय की गरिमा बनाए रखना सभी के लिए अनिवार्य है। किसी भी न्यायिक अधिकारी, खासकर महिला जज के साथ अभद्रता के आरोप गंभीर हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। इसी के तहत कोर्ट ने रवि गोल्हानी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

क्यों गंभीर है मामला?

यह मामला केवल व्यक्तिगत आचरण का नहीं, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। अदालत के अंदर अनुशासन और सम्मान बनाए रखना कानूनन अनिवार्य है। अधिवक्ताओं पर विशेष जिम्मेदारी होती है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें। साथ ही न्यायिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार को कोर्ट बेहद गंभीरता से लेता है। सिवनी कोर्ट में हुई यह घटना अब हाईकोर्ट की निगरानी में है और आने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।  

Post a Comment

Previous Post Next Post