हाईकोर्ट ने दी जवाब पेश करने सशर्त मोहलत, 23 मार्च को तय होगी आगे की कार्रवाई
मामला लंबित होने के बाद भी विक्रय पत्र का निष्पादन
सब रजिस्ट्रार सहित 5 दोषी पाए गए
दो को मिली डिवीजन बेंच से राहत
अधिवक्ता प्रशांत शर्मा ने कोर्ट को जानकारी दी कि प्रतिवादी कृष्णा यादव और सुरेश सिंह यादव ने हाईकोर्ट के 6 मार्च 2026 के आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। इस पर डिवीजन बेंच ने 17 मार्च 2026 को आदेश पारित करते हुए पहले के आदेश पर स्टे (stay) लगा दिया और कृष्णा यादव और सुरेश सिंह यादव के खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई (coercive action) पर रोक लगा दी। डिवीज़न बेंच के आदेश के मद्देनजर जस्टिस अहलूवालिया ने कहा कि उन दोनों के खिलाफ कार्यवाही फिलहाल अलग रखी जाएगी और अपील के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे बढ़ेगी।
सब रजिस्ट्रार ने मानी गलती, मांगी बिना शर्त माफी
मामले में सबसे अहम पहलू सब रजिस्ट्रार मानवेन्द्र भदौरिया से जुड़ा रहा। अदालत ने पाया कि उनको पहले नोटिस प्राप्त हुआ था, इसके बावजूद उन्होंने जानबूझकर कोई जवाब नहीं दिया। 6 मार्च के आदेश के खिलाफ उन्होंने Contempt Appeal No.15/2026 दायर की थी, जो बाद में वापस ले ली गई। सब रजिस्ट्रार ने बिना शर्त माफी (unconditional apology) मांगी और अपनी गलती स्वीकार की।
कोर्ट की सख्त शर्त: पहले जुर्माना, फिर बचाव
हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि सब रजिस्ट्रार ने नोटिस के बावजूद जवाब नहीं दिया, यह गंभीर लापरवाही है। उनके द्वारा गलती स्वीकार करने और माफी मांगने को देखते हुए कोर्ट ने उन पर 25,000 की कॉस्ट जमा करना अनिवार्य कर यह राशि दो दिनों के भीतर कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने के निर्देश दिए।
23 मार्च को अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च 2026 तय की है। इस दिन सरिता सिंह, माधुरी साहू और सब रजिस्ट्रार मानवेन्द्र भदौरिया को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सब रजिस्ट्रार भदौरिया के जवाब पर विचार किया जाएगा और फिर सजा (punishment) के मुद्दे पर भी सुनवाई होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सबी रजिस्ट्रार का बचाव स्वीकार नहीं किया जाता, तो उन्हें भी सजा पर अपनी दलीलें प्रस्तुत करनी होंगी।
हाईकोर्ट का आदेश देखें MCC-2933-2024
