चीन से प्रतिबंधित कीटनाशक इम्पोर्ट का मामला, हाईकोर्ट ने कहा– ट्रायल चलेगा
जबलपुर। चीन से प्रतिबंधित कीटनाशक मिथाइल पैराथियान के कथित अवैध आयात मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के व्यापारी को राहत देने से इंकार कर दिया है। जस्टिस बीपी शर्मा की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उनका परीक्षण विधिवत ट्रायल के दौरान ही होगा। प्रारंभिक चरण में विशेषाधिकार का प्रयोग कर कार्यवाही निरस्त नहीं की जा सकती। भोपाल स्थित किलपेस्ट इंडिया प्रा. लि. के संचालक धीरेन्द्र दुबे ने भोपाल सीजेएम कोर्ट में वर्ष 2018 से लंबित आपराधिक मुकदमे को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दायर की थी।
भोपाल में चल रहा मामला
यह मुकदमा प्लांट भोपाल के CJM की कोर्ट में प्रोटेक्शन ऑफिसर सीएस नाइक द्वारा दायर परिवाद पर चल रहा है, जिसमें कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 17(1)(सी), 18(1)(सी) व 29 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
प्रतिबंधित पेस्टिसाइड इम्पोर्ट करने का आरोप
किलपेस्ट इंडिया प्रा. लि. के संचालक धीरेन्द्र दुबे पर आरोप है कि वर्ष 2007 में चीन में प्रतिबंधित घोषित किए गए मिथाइल पैराथियान का वर्ष 2010 से 2012 के बीच आयात किया गया। चीनी नियामक प्राधिकरण ने 2013 और 2015 के ईमेल में स्पष्ट किया था कि जनवरी 2009 से इसका उत्पादन, उपयोग और निर्यात पूर्णतः प्रतिबंधित है। जांच के दौरान कस्टम विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर वर्ष 2014 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सभी वैधानिक स्वीकृतियों के बाद 12 अक्टूबर 2018 को परिवाद दायर किया गया।
सुनवाई में नहीं चलीं दलील
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन एवं अधिवक्ता अर्नव तिवारी ने पक्ष रखा। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से सीजेएम कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर सवाल उठाये गए। सुनवाई के बाद दिए फैसले में अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से दी गईं दलीलें नकारते हुए कहा कि परिवाद में प्रथम दृष्टया अपराध परिलक्षित होता है और तथ्यों की जांच साक्ष्य के आधार पर ट्रायल कोर्ट द्वारा की जानी चाहिए। इस स्तर पर हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसी आधार पर पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई।
हाईकोर्ट का आदेश देखें MCRC-18009-2019
