हाईकोर्ट ने डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन को दी थी 2 मार्च तक की डेडलाइन
इंदौर। मप्र हाईकोर्ट द्वारा अपनाये गए कड़े रुख के बाद आखिरकार बड़वानी के एक डॉक्टर को उसके मूल दस्तावेज सोमवार को वापस मिल ही गए। दरअसल, जस्टिस जेके पिल्लई की सिंगल बेंच ने कहा था कि याचिकाकर्ता को उसके ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स सोमवार की शाम तक दे दिए जाएँ। ऐसा न हुआ तो खुद डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन अवमानना के जिम्मेदार होंगे। अदालत के इस सख्त आदेश के बाद याचिकाकर्ता को दस्तावेज लौटा दिए गए। अब हाईकोर्ट में इस पर वक सप्ताह बाद सुनवाई होगी।
अवमानना का यह मामले बड़वानी के डॉ. अजय मंडलोई की ओर से दाखिल किया गया था। डॉ. मंडलोई का कहना था कि रीवा के एसएस मेडिकल कॉलेज में उसे लगातार 30 से 48 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ रही थी, बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं का अभाव था, भोजन की स्थिति खराब थी और रैगिंग/उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। इन परिस्थितियों ने उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाला, जिसके कारण वह क्लिनिकल डिप्रेशन का शिकार हो गया। मनोचिकित्सक द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे उच्च मात्रा में एंटीडिप्रेसेंट दवाएं दी गईं और पूर्ण विश्राम की सख्त सलाह दी गई। स्वास्थ्य कारणों से उसने उक्त सीट छोड़कर अपनी पूर्व नौकरी ज्वाइन करने का निर्णय लिया और मूल दस्तावेज वापस मांगे थे। हाईकोर्ट ने 23 फरवरी तक ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स लौटाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद भी डाक्यूमेंट्स न लौटाए जाने पर DME डॉ. अरुणा कुमार के खिलाफ अवमानना का यह मामला हाईकोर्ट में दाखिल किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी और अधिवक्ता कमल तिवारी की दलीलें सुनकर हाईकोर्ट ने 27 फरवरी को इस अवमानना मामले पर सुनवाई करते हुए सोमवार शाम तक की डेड लाइन DME को दी थी।
याचिकाकर्ता को परेशान नहीं किया जा सकता: कोर्ट
अपने आदेश में जस्टिस पिल्लई ने कहा था कि मूल दस्तावेज डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के पास हैं। ऐसी स्थिति में तकनीकी आधारों का सहारा लेकर याचिकाकर्ता को परेशान नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने DME को 2 मार्च 2026 तक मूल दस्तावेज लौटाने का अंतिम अवसर दिया था।
सोमवार की शाम को मिले ओरिजिनल दस्तावेज
वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संघी के अनुसार सोमवार की शाम 6 बजे याचिकाकर्ता डॉ. मंडलोई को उनके ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स लौटा दिए गए हैं। उन्होने बताया कि याचिककर्ता अब 5 मार्च को होने वाले MPPSC के इंटरव्यू में ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के साथ शामिल हो सकेंगे।
हाईकोर्ट का आदेश देखें CONC-1497-2026
