जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
जबलपुर। नरसिंहपुर में उपराष्ट्रपति के दौरे के लिए उखाड़ी गई सड़क और नाली को 10 महीने बाद भी पुनः निर्माण न किए जाने के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 4 मई को निर्धारित की गई है।
नरसिंहपुर के स्टेशनगंज क्षेत्र में रहने वाले सरदार परमजीत सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि मई 2025 में आयोजित कृषि मेले के दौरान उस समय के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के दौरे के लिए नगर परिषद ने सार्वजनिक सड़क और नाली को खुदवा दिया था, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी आज तक सड़क और नाली का पुनर्निर्माण नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र के लोग लगातार परेशान हैं।
हाईकोर्ट की सख्ती
मामले की सुनवाई मंगलवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश देकर जवाब दाखिल करने को कहा। अगली सुनवाई 4 मई तय की गई है।
जनता को झेलनी पड़ रही परेशानी
याचिका में बताया गया कि सड़क और नाली अभी भी क्षतिग्रस्त स्थिति में पड़ी हैं। रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी असुविधा हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और वीआईपी संस्कृति पर भी सवाल खड़ा करता है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ब्रजेन्द्र स्वरूप साहू, रविकांत शुक्ला और कृष्ण शरण कौरव मामले की पैरवी कर रहे हैं।
क्यों अहम है यह मामला?
अब क्या होगा?
अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर है, जहां प्रशासन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी और यह बताना होगा कि अब तक सड़क-नाली का निर्माण क्यों नहीं किया गया।
